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आपरेशन नहीं होने पर आंख के मरीजों ने किया हंगामा
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:49 PM IST
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गाजीपुर। लाइफ-लाइन एक्सप्रेस में निर्धारित तिथि के अनुसार आपरेशन न होने पर गुुरुवार को सैकड़ों मरीजों ने महिला अस्पताल के मैटरनिटी विंग में जमकर हंगामा किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आपरेशन के नाम पर कर्मचारियों द्वारा पैसे की भी मांग की जा रही है। इसकी जानकारी होते ही लाइफ-लाइन एक्सप्रेस के प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। लोगों ने यह भी कहा कि क्षमता से अधिक मरीजों का पंजीकरण आपरेशन के नाम पर किया गया है। लेकिन टोकेन देने के बावजूद भी मरीजों को पूरे दिन टहलाने का काम हुआ है। लाइफ लाइन द्वारा सेवा का कार्य किया जा रहा है, ऐसे में मरीजों के साथ न्याय हो।
गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लाइफ-लाइन एक्सप्रेस की ओर से आं के मरीजों के इलाज और जांच के लिए 29 दिसंबर से कैंप लगाया गया था। एक जनवरी तक चले जांच के दौरान जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से पहुुंचे करीब तीन हजार आंख के मरीजों ने अपना पंजीकरण कराने के साथ ही जांच कराया था। जांच के दौरान लाइफ-लाइन एक्सप्रेस से आए नामचीन चिकित्सकों ने आपरेशन के लिए 800 मरीजों का चयन किया था। इसके बाद 30 दिसंबर से चिकित्सकों ने आपरेशन शुुरू कर दिया। प्रत्येक दिन 100 के औसत से मरीजों का आपरेशन चिकित्सकों द्वारा किया गया। आंखों के आपरेशन के लिए 4 जनवरी अंतिम तारीख निर्धारित की गई थी। शहर के तड़बना निवासी सागर राम, हृदयनारायण राय, गिरधारी उपाध्याय, जगदीश शर्मा, परशु पासवान, रामेश्वर तिवारी, सुुुरेंद्र बिंद, बाबू लाल, कल्पू राम, सुदामा बिंद, महेंद्र बिंद, सागर राम, त्रिभुवन राम, शांति देवी ने बताया कि बीते 2 और 3 जनवरी को आपरेशन की तारीख दी गई थी। बीते 3 जनवरी को जब पर्चा लेकर महिला अस्पताल के नए भवन में तैनात लाइफ-लाइन एक्सप्रेस के कर्मचारियों को दिया गया तो उन्होंने पंजीकरण कर 4 जनवरी के आने को कहा। सुबह से से अपने नंबर का इंतजार करते-करते शाम हो गई। पूछने पर कर्मचारियों द्वारा आपरेशन के नाम पर पैसे की मांग की गई। आपत्ति करने पर उनके कोप का भाजन भी होना पड़ा। इस संबंध मे लाइफ-लाइन प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि लगाए गए आरोप सभी बेबुनियाद है। 4 जनवरी को ही आपरेशन की अंतिम तारीख थी। बचे हुुए मरीजों का आपरेशन हो जाए, इसके लिए चिकित्सकों से बात चल रही है।
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गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लाइफ-लाइन एक्सप्रेस की ओर से आं के मरीजों के इलाज और जांच के लिए 29 दिसंबर से कैंप लगाया गया था। एक जनवरी तक चले जांच के दौरान जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से पहुुंचे करीब तीन हजार आंख के मरीजों ने अपना पंजीकरण कराने के साथ ही जांच कराया था। जांच के दौरान लाइफ-लाइन एक्सप्रेस से आए नामचीन चिकित्सकों ने आपरेशन के लिए 800 मरीजों का चयन किया था। इसके बाद 30 दिसंबर से चिकित्सकों ने आपरेशन शुुरू कर दिया। प्रत्येक दिन 100 के औसत से मरीजों का आपरेशन चिकित्सकों द्वारा किया गया। आंखों के आपरेशन के लिए 4 जनवरी अंतिम तारीख निर्धारित की गई थी। शहर के तड़बना निवासी सागर राम, हृदयनारायण राय, गिरधारी उपाध्याय, जगदीश शर्मा, परशु पासवान, रामेश्वर तिवारी, सुुुरेंद्र बिंद, बाबू लाल, कल्पू राम, सुदामा बिंद, महेंद्र बिंद, सागर राम, त्रिभुवन राम, शांति देवी ने बताया कि बीते 2 और 3 जनवरी को आपरेशन की तारीख दी गई थी। बीते 3 जनवरी को जब पर्चा लेकर महिला अस्पताल के नए भवन में तैनात लाइफ-लाइन एक्सप्रेस के कर्मचारियों को दिया गया तो उन्होंने पंजीकरण कर 4 जनवरी के आने को कहा। सुबह से से अपने नंबर का इंतजार करते-करते शाम हो गई। पूछने पर कर्मचारियों द्वारा आपरेशन के नाम पर पैसे की मांग की गई। आपत्ति करने पर उनके कोप का भाजन भी होना पड़ा। इस संबंध मे लाइफ-लाइन प्रभारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि लगाए गए आरोप सभी बेबुनियाद है। 4 जनवरी को ही आपरेशन की अंतिम तारीख थी। बचे हुुए मरीजों का आपरेशन हो जाए, इसके लिए चिकित्सकों से बात चल रही है।
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