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जिले के 25 प्रतिशत लोग ही डिजिटल के प्रति हुए जागरुक
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:10 AM IST
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गाजीपुर। नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करने के साथ जागरूक किया गया है लेकिन जिले के मात्र 25 प्रतिशत लोग ही इस सिस्टम के प्रति जागरूक होने के साथ इसका उपयोग कर रहे हैं। इस सिस्टम को लोकप्रिय बनाने के लिए बैंकों और अन्य संस्थाओं की तरफ कई बार कैंपों का आयोजन किया गया।
नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान को लेकर सरकार की तरफ से काफी जोर दिया गया लेकिन ग्रामीणों क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो शहर की अधिकांश दुकानों पर डिजिटल भुगतान के लिए सिस्टम नहीं लगाया गया है। खासकर शहर सहित ग्रामीणों क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल टंकियों पर अभी तक डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर लोगों की मानी जाए तो काफी प्रयास के बाद भी पूर्ण रुप से यह सिस्टम लागू होने में कई वर्ष लग जाएगा। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो करीब 25 प्रतिशत ही यह सिस्टम लोगों के बीच लोकप्रिय हो पाया। भुगतान के आंकड़ों के संबंध में संबंधित अधिकारी अभी आंकड़ा लेने की बात कहकर टाल-मटोल कर रह रहे हैं। लाख प्रयास के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इस सिस्टम के इस्तेमाल करने तक की जानकारी नहीं है। जबकि बैंक कर्मियों की मानी जाए तो सभी ग्राहकों के खाते मार्च तक जुड़ने के बाद ही यह डिजिटल भुगतान सिस्टम रफ्तार पकड़ पाएगा। इस संबंध में एलडीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि भुगतान का आंकड़ा अभी एकत्र किया जा रहा है। वैसे जिले के 25 प्रतिशत लोग ही इस सिस्टम के प्रति जागरूक होकर उपयोग कर रहे हैं। आधार से सभी खातों के जुड़ जाने के बाद यह सिस्टम रफ्तार पकड़ लेगा।
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नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान को लेकर सरकार की तरफ से काफी जोर दिया गया लेकिन ग्रामीणों क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो शहर की अधिकांश दुकानों पर डिजिटल भुगतान के लिए सिस्टम नहीं लगाया गया है। खासकर शहर सहित ग्रामीणों क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल टंकियों पर अभी तक डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर लोगों की मानी जाए तो काफी प्रयास के बाद भी पूर्ण रुप से यह सिस्टम लागू होने में कई वर्ष लग जाएगा। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो करीब 25 प्रतिशत ही यह सिस्टम लोगों के बीच लोकप्रिय हो पाया। भुगतान के आंकड़ों के संबंध में संबंधित अधिकारी अभी आंकड़ा लेने की बात कहकर टाल-मटोल कर रह रहे हैं। लाख प्रयास के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इस सिस्टम के इस्तेमाल करने तक की जानकारी नहीं है। जबकि बैंक कर्मियों की मानी जाए तो सभी ग्राहकों के खाते मार्च तक जुड़ने के बाद ही यह डिजिटल भुगतान सिस्टम रफ्तार पकड़ पाएगा। इस संबंध में एलडीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि भुगतान का आंकड़ा अभी एकत्र किया जा रहा है। वैसे जिले के 25 प्रतिशत लोग ही इस सिस्टम के प्रति जागरूक होकर उपयोग कर रहे हैं। आधार से सभी खातों के जुड़ जाने के बाद यह सिस्टम रफ्तार पकड़ लेगा।
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