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गांव के अस्तित्व को लेकर भयभीत हैं सेमरा और शिवराय का पुरा के बाशिंदे

Mon, 31 Jul 2017 11:18 PM IST
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:18 PM IST
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गांव के अस्तित्व को लेकर भयभीत हैं सेमरा और शिवराय का पुरा के बाशिंदे
मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। गांव को बचाने के लिए बनाए गए ठोकर के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद उसकी मरम्मत न होने से गांव के अस्तित्व को लेकर सेमरा एवं शिवराय का पुरा के बाशिंदे भयभीत हैं। किनारे पर आ चुके लोग अपने घरों का सामान किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुट गए हैं।
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वर्ष 2014 में तत्कालीन प्रदेश सरकार की ओर से गांव को गंगा के कहर से बचाने के लिए लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से बोल्डर पिचिंग का कार्य कराकर ठोकर निर्माण कराया गया। मानक की अनदेखी कर दिए जाने के कारण वर्ष 2016 में आई बाढ़ के दौरान ठोकर कई जगहों पर टूटकर गंगा में समाहित हो गया। ग्रामीणों ने ठोकर की मरम्मत कराए जाने की मांग की। विधानसभा चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशियों से गांव के लोगों ने ठोकर की मरम्मत कराने की गुहार लगाई। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद स्थानीय विधायक ने गांव वालों को भरोसा दिया कि बरसात से पहले गांव को बचाने के लिए ठोकर की मरम्मत के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक कार्य भी कराया जाएगा लेकिन बरसात शुरू होने तक ठोकर की मरम्मत न हो पाने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। गांव के लोगों का मानना है कि पिछले वर्ष की तरह अगर बाढ़ आ गई तो गांव के बचे हुए हिस्से को गंगा के कहर से बचा पाना संभव नहीं होगा। शिवरायकापुरा एवं सेमरा का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। बरसात का पानी भी ठोकर के रास्ते गंगा में गिरने से नागा यादव के डेरा के पास भी ठोकर क्षतिग्रस्त हो रहा है। इस संबंध में ग्रामीण हरिशंकर यादव, मंगला यादव, प्रेमशंकर तिवारी आदि ने बताया कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त ठोकर की जलस्तर घटने पर विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की तरफ से मरम्मत कराए जाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन जलस्तर घटने पर इसकी तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। इसके चलते आज गांव के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है। जब बाढ़ आ जाती है तो विभागीय अधिकारी सक्रिय होते हैं। कटान रोकने के नाम पर बालू एवं मिट्टी की बोरियां भरकर डालने का काम करते हैं। कटान से विस्थापित हो चुके लोगों को बसाने के लिए आज तक प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई व्यवस्था नहीं किए जाने से भी गांव के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
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