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सरकार ने किसानों के साथ विश्वासघात किया
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:39 PM IST
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गाजीपुर। भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सवालों को लेकर सोमवार को पार्टी कार्यालय से प्रतिवाद मार्च निकाला। विभिन्न रास्तों से होते हुए मार्च सरजू पांडेय पार्क में सभा में तब्दील हो गया। इस अवसर पर आयोजित धरना सभा में पार्टी के जिला सचिव रामप्यारे राम ने कहा कि प्रदेश सरकार के सौ दिन का कार्यकाल बढ़ते अपराध का रहा है। हत्या तक की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है। किसानों की कर्जमाफी की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है।
उन्होंने कहा कि 15 जून तक गड्ढामुक्त सड़क का दावा हवा-हवाई निकला। जमानिया, भदौरा की सड़कें इसका उदाहरण हैं। उन्होंने गुड्डू बिंद की हत्या करने वाले हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। दलितों पर सामंती हमला चौतरफा बढ़ा है। कहा कि प्रधानमंत्री आवास के पात्र व्यक्तियों से सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी छह महीने से बकाया है। खाद्य सुरक्षा की पात्र गृहस्थी का सत्यापन घर-घर न जाकर आशा तथा ब्लाक के अधिकारी कार्यालय में बैठकर बना रहे हैं। बड़ी संख्या में पात्र व्यक्तियों को सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। माले के जिला सचिव ने कहा कि गरीबों, दलितों के पक्ष में उठ रही लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। अंत में एसडीएम सदर को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। धरना सभा में राजेश वनवासी, मंजू गोंड़, कमलाकर राम, लालबहादुर बागी, विजयबहादुर, योगेंद्र भारती, मोती प्रधान, सत्येंद्र प्रजापति, राजेश एकलव्य, विजयमल आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षा रोहित बिंद और संचालन अमरनाथ पासवान ने किया।
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उन्होंने कहा कि 15 जून तक गड्ढामुक्त सड़क का दावा हवा-हवाई निकला। जमानिया, भदौरा की सड़कें इसका उदाहरण हैं। उन्होंने गुड्डू बिंद की हत्या करने वाले हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। दलितों पर सामंती हमला चौतरफा बढ़ा है। कहा कि प्रधानमंत्री आवास के पात्र व्यक्तियों से सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी छह महीने से बकाया है। खाद्य सुरक्षा की पात्र गृहस्थी का सत्यापन घर-घर न जाकर आशा तथा ब्लाक के अधिकारी कार्यालय में बैठकर बना रहे हैं। बड़ी संख्या में पात्र व्यक्तियों को सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। माले के जिला सचिव ने कहा कि गरीबों, दलितों के पक्ष में उठ रही लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। अंत में एसडीएम सदर को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। धरना सभा में राजेश वनवासी, मंजू गोंड़, कमलाकर राम, लालबहादुर बागी, विजयबहादुर, योगेंद्र भारती, मोती प्रधान, सत्येंद्र प्रजापति, राजेश एकलव्य, विजयमल आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षा रोहित बिंद और संचालन अमरनाथ पासवान ने किया।
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