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मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमा तैयार
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:36 PM IST
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गाजीपुर। बारिश के मौसम में होने वाली तमाम बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमा की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। मरीजों के लिए सीएचसी और पीएचसी पर पर्याप्त दवा उपलब्ध कराने के साथ ही बेहतर चिकित्सकीय सेवा देने का भी निर्देश विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दिया गया है। हालांकि जिला अस्पताल इस मामले में पूरी तरह से फिसड्डी साबित हो रहा है।
इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया आदि बीमारियां अपना पांव पसारने का काम करती हैं। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 15 दिनों पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई थी। जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर दवा की उपलब्धता के साथ संबंधित ग्रामीण इलाकों मेें कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव करने का कार्य किया था। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पतालों में 182 चिकित्सकों के पद सृजित हैं। वर्तमान समय में इस सृजित पद में से 84 चिकित्सक सीएचसी और पीएचसी पर तैनात हैं। जबकि 98 पद खाली चल रहे हैं। इनको भरने के लिए विभाग की ओर से शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। जबकि जिला अस्पताल इस मामले में पूरी तरह से फिसड्डी है। अस्पताल के वार्डो में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। ओपीडी में तैनात चिकित्सकों द्वारा अस्पताल की दवा न लिखकर ज्यादातर बाहर की दवा लिखी जा रही है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर मौसमी बीमारियों के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं। साथ ही इन रोगों की रोकथाम के लिए छिड़काव भी करीब 15 दिनों से कराया जा रहा है।
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इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया आदि बीमारियां अपना पांव पसारने का काम करती हैं। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 15 दिनों पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई थी। जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर दवा की उपलब्धता के साथ संबंधित ग्रामीण इलाकों मेें कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव करने का कार्य किया था। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पतालों में 182 चिकित्सकों के पद सृजित हैं। वर्तमान समय में इस सृजित पद में से 84 चिकित्सक सीएचसी और पीएचसी पर तैनात हैं। जबकि 98 पद खाली चल रहे हैं। इनको भरने के लिए विभाग की ओर से शासन को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। जबकि जिला अस्पताल इस मामले में पूरी तरह से फिसड्डी है। अस्पताल के वार्डो में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। ओपीडी में तैनात चिकित्सकों द्वारा अस्पताल की दवा न लिखकर ज्यादातर बाहर की दवा लिखी जा रही है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर मौसमी बीमारियों के मरीजों के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं। साथ ही इन रोगों की रोकथाम के लिए छिड़काव भी करीब 15 दिनों से कराया जा रहा है।
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