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पानी में भींगकर बर्बाद हो रही यूरिया
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:39 PM IST
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गाजीपुर। किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध कराने के लिए मालगाड़ी के 42 वैगन से 53 हजार बोरी यूरिया की खेप सिटी रेलवे स्टेशन पर सोमवार को पहुंची। वैगन का भाड़ा निर्धारित समय से अधिक होने पर दोगुना होने के कारण यूरिया को खुले आसमान के नीचे रखा जा रहा है। बरसात में खुले आसमान के निचे रखी यूरिया की बोरी भीगकर बर्बाद हो रही है, लेकिन रेलवे ने इसे सुरक्षित करने की कोई व्यवस्था नहीं की है।
सिटी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण के तहत प्लेटफार्म नंबर एक के पूर्वी छोर पर स्थित माल गोदाम के भवन को करीब एक वर्ष पूर्व तोड़कर हटा दिया गया था। अब मालगाड़ी से आने वाले सामानों को रखने के लिए प्लेटफार्म नंबर तीन पर ही खुले आसमान के निचे रखा जाता है। गर्मी और जाड़े के मौसम में तो किसी तरह मालगाड़ी के रैक से उतरे सामान पड़े रहते हैं। जबकि बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने से यूरिया बर्बाद हो रही है। दो दिन पूर्व सिटी रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के 42 रैक में आई 53 हजार बोरी यूरिया को मजदूरों द्वारा तेजी से खाली कराया जा रहा है। वजह रैक आने के नौ घंटे तक रेलवे सामान उतारने का मौका देता है। अब फ्री टाइम के समाप्त होने के बाद पांच घंटे तक दो गुना रेट प्रति वैगेन 300 रुपये, पांच घंटे के बाद 20 घंटे तक रैक से सामान नहीं उतरने पर निर्धारित समयानुसार छह गुना चार्ज का भुगतान करना पड़ेगा। यहीं नहीं रैक से सामान उतराने के लिए लगे लोगों के लिए रेलवे की ओर से कोई सुविधा भी मुहैया नहीं कराई जाती है। यहीं नहीं रात के समय लाइट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। रैक के भाड़े में हुई वृद्धि के चलते यूरिया की बोरी को बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे रखा जा रहा है। जिससे अधिकांश बोरी भीगकर खराब हो रही है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक रामायन यादव ने बताया कि पहले मालगोदाम में सामान कई दिनों तक पड़ रहता था। लेकिन अब रेलवे की ओर से नियम लागू कर दिया गया है कि रैक से माल उतारकर पार्टियां अपने सामान को लेकर जाए। रेलवे की ओर सामान की सुरक्षा और हटाने की जिम्मेदारी माल मंगाने वाली पार्टियों के लिए निर्धारित कर दी गई है।
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सिटी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण के तहत प्लेटफार्म नंबर एक के पूर्वी छोर पर स्थित माल गोदाम के भवन को करीब एक वर्ष पूर्व तोड़कर हटा दिया गया था। अब मालगाड़ी से आने वाले सामानों को रखने के लिए प्लेटफार्म नंबर तीन पर ही खुले आसमान के निचे रखा जाता है। गर्मी और जाड़े के मौसम में तो किसी तरह मालगाड़ी के रैक से उतरे सामान पड़े रहते हैं। जबकि बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने से यूरिया बर्बाद हो रही है। दो दिन पूर्व सिटी रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के 42 रैक में आई 53 हजार बोरी यूरिया को मजदूरों द्वारा तेजी से खाली कराया जा रहा है। वजह रैक आने के नौ घंटे तक रेलवे सामान उतारने का मौका देता है। अब फ्री टाइम के समाप्त होने के बाद पांच घंटे तक दो गुना रेट प्रति वैगेन 300 रुपये, पांच घंटे के बाद 20 घंटे तक रैक से सामान नहीं उतरने पर निर्धारित समयानुसार छह गुना चार्ज का भुगतान करना पड़ेगा। यहीं नहीं रैक से सामान उतराने के लिए लगे लोगों के लिए रेलवे की ओर से कोई सुविधा भी मुहैया नहीं कराई जाती है। यहीं नहीं रात के समय लाइट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जाती है। रैक के भाड़े में हुई वृद्धि के चलते यूरिया की बोरी को बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे रखा जा रहा है। जिससे अधिकांश बोरी भीगकर खराब हो रही है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक रामायन यादव ने बताया कि पहले मालगोदाम में सामान कई दिनों तक पड़ रहता था। लेकिन अब रेलवे की ओर से नियम लागू कर दिया गया है कि रैक से माल उतारकर पार्टियां अपने सामान को लेकर जाए। रेलवे की ओर सामान की सुरक्षा और हटाने की जिम्मेदारी माल मंगाने वाली पार्टियों के लिए निर्धारित कर दी गई है।
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