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कत्ल के पीछे करीबी का हाथ
Ghaziabad
Updated Sat, 09 Mar 2013 05:33 AM IST
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बड़ा सवालः कौन है सुब्रमण्यम परिवार का हत्यारा?
गाजियाबाद। आखिर कौन है इस दक्षिण भारतीय परिवार का गुनहगार। किसने किया कत्ल और क्यों? हर जुबान पर यही सवाल है। न परिवार को पता और न ही पड़ोसियों को भनक। मुहल्लेवाले सकते में हैं। कत्ल के पीछे किसी करीबी का हाथ है, पुलिस की शुरुआती तफ्तीश इसी बिंदु पर टिकी है। पड़ोसी बता रहे हैं कि मां और बेटे अजनबी को घर में नहीं घुसाते थे। लिहाजा कोई करीबी रहा होगा, जो रात सात-आठ बजे के बाद घर में दाखिल हुआ। कातिल दो भी हो सकते हैं और एक भी। मरने से पहले वृद्धा कातिल से जूझी थीं। उनकी गर्दन के अलावा उनके हाथों की उंगलियां भी कटी हैंैं। जबकि एस कुमार की लाश देखकर ऐसा लगता है कि वे ज्यादा विरोध नहीं
कर पाए।
वीआर सुब्रमण्यम का परिवार मूल रूप से चेन्नई का रहने वाला है। 1981 में वे गाजियाबाद आए। यहां आर-14/52 में रहने लगे। वीआर सुब्रमण्यम दिल्ली टेलीकॉम में डीजीएम से रिटायर हुए थे। वर्ष 2011 में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके बड़े बेटे मृतक एस कुमार के पैर और हाथ अस्वस्थ थे। साथ ही उन्हें स्किन प्रॉब्लम भी थी, इसी वजह से उन्होंने शादी नहीं की थी। वे मां गिरिजा के साथ रहते थे। सुब्रमण्यम के बाकी तीनों बच्चों की जैसे-जैसे नौकरियां लगीं, वे अलग-अलग शिफ्ट हो गए। उनसे छोटे भाई एस राज दिल्ली दिलशाद गार्डन में रहते हैं, प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड हैं। एस चंद्र एनटीपीसी हैदराबाद और एस गणेश
सिडीकेट बैंक चेन्नई में कार्यरत हैं और वहीं रहते हैं।
कप्तान साहब! अब कौन होगा सस्पेंड?
कड़कड़ मॉडल में मर्डर के बाद चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए। शुक्रवार को एक नहीं, दो मर्डर हुए। वह भी एसएसपी आवास से महज चंद कदमों की दूरी पर। राजनगर में, जहां सबसे ज्यादा वीआईपी रहते हैं। रिटायर्ड अधिकारी रहते हैं। वहां इस तरह की वारदात हुई है। अब सस्पेंड कौन होगा?
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गाजियाबाद। आखिर कौन है इस दक्षिण भारतीय परिवार का गुनहगार। किसने किया कत्ल और क्यों? हर जुबान पर यही सवाल है। न परिवार को पता और न ही पड़ोसियों को भनक। मुहल्लेवाले सकते में हैं। कत्ल के पीछे किसी करीबी का हाथ है, पुलिस की शुरुआती तफ्तीश इसी बिंदु पर टिकी है। पड़ोसी बता रहे हैं कि मां और बेटे अजनबी को घर में नहीं घुसाते थे। लिहाजा कोई करीबी रहा होगा, जो रात सात-आठ बजे के बाद घर में दाखिल हुआ। कातिल दो भी हो सकते हैं और एक भी। मरने से पहले वृद्धा कातिल से जूझी थीं। उनकी गर्दन के अलावा उनके हाथों की उंगलियां भी कटी हैंैं। जबकि एस कुमार की लाश देखकर ऐसा लगता है कि वे ज्यादा विरोध नहीं
कर पाए।
वीआर सुब्रमण्यम का परिवार मूल रूप से चेन्नई का रहने वाला है। 1981 में वे गाजियाबाद आए। यहां आर-14/52 में रहने लगे। वीआर सुब्रमण्यम दिल्ली टेलीकॉम में डीजीएम से रिटायर हुए थे। वर्ष 2011 में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके बड़े बेटे मृतक एस कुमार के पैर और हाथ अस्वस्थ थे। साथ ही उन्हें स्किन प्रॉब्लम भी थी, इसी वजह से उन्होंने शादी नहीं की थी। वे मां गिरिजा के साथ रहते थे। सुब्रमण्यम के बाकी तीनों बच्चों की जैसे-जैसे नौकरियां लगीं, वे अलग-अलग शिफ्ट हो गए। उनसे छोटे भाई एस राज दिल्ली दिलशाद गार्डन में रहते हैं, प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड हैं। एस चंद्र एनटीपीसी हैदराबाद और एस गणेश
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सिडीकेट बैंक चेन्नई में कार्यरत हैं और वहीं रहते हैं।
कप्तान साहब! अब कौन होगा सस्पेंड?
कड़कड़ मॉडल में मर्डर के बाद चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए। शुक्रवार को एक नहीं, दो मर्डर हुए। वह भी एसएसपी आवास से महज चंद कदमों की दूरी पर। राजनगर में, जहां सबसे ज्यादा वीआईपी रहते हैं। रिटायर्ड अधिकारी रहते हैं। वहां इस तरह की वारदात हुई है। अब सस्पेंड कौन होगा?
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