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लेखपालों ने की तहसीलदार के खिलाफ बगावत
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Sat, 25 Mar 2017 01:48 AM IST
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अकबरपुर तहसील में धरना देते लेखपाल।
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अकबरपुर के तहसीलदार उमेशचंद्र शुक्ला के खिलाफ लेखपालों की बगावत अब सड़क पर आ गई है। शुक्रवार को उप्र लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आरोप हैं कि तहसीलदार मनमानी करने पर उतारू हैं। वहीं, अधिवक्ता तहसीलदार कोर्ट का पहले ही बहिष्कार कर रहे हैं। ऐसे में अब माहौल गर्म हो गया है।
एसडीएम अकबरपुर को सौंपे ज्ञापन में उप्र लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार द्विवेदी ने बताया कि एक लेखपाल की समस्या को लेकर तहसीलदार के पास गया तो काम करने की बजाय अपमानित किया गया। पुलिस बुलाकर दफ्तर से बाहर करवाने की धमकी दी।
आरोप हैं कि लेखपालों के एरियर, बोनस, कृषि गणना, क्राप कटिंग आदि विविध वित्तीय देय लंबित हैं। जीपीएफ व अंशदाई पेंशन की योजना की पास बुकें अध्यावधि नहीं हैं। ऐसे कई प्रकरण लंबित हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहंी दिया जा रहा है। इसको लेकर लेखपाल आक्रोशित हैं।
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वहीं, लेखपालों के अनिश्चिकालीन बहिष्कार शुरू होने से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस मौके पर मंत्री राजाबाबू कटियार, कृष्णमुरारी, ज्ञान प्रकाश, हरीराम आदि मौजूद रहे।
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एसडीएम अकबरपुर को सौंपे ज्ञापन में उप्र लेखपाल संघ के अध्यक्ष सुधीर कुमार द्विवेदी ने बताया कि एक लेखपाल की समस्या को लेकर तहसीलदार के पास गया तो काम करने की बजाय अपमानित किया गया। पुलिस बुलाकर दफ्तर से बाहर करवाने की धमकी दी।
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आरोप हैं कि लेखपालों के एरियर, बोनस, कृषि गणना, क्राप कटिंग आदि विविध वित्तीय देय लंबित हैं। जीपीएफ व अंशदाई पेंशन की योजना की पास बुकें अध्यावधि नहीं हैं। ऐसे कई प्रकरण लंबित हैं, लेकिन इस पर ध्यान नहंी दिया जा रहा है। इसको लेकर लेखपाल आक्रोशित हैं।
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वहीं, लेखपालों के अनिश्चिकालीन बहिष्कार शुरू होने से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस मौके पर मंत्री राजाबाबू कटियार, कृष्णमुरारी, ज्ञान प्रकाश, हरीराम आदि मौजूद रहे।