{"_id":"5824d9554f1c1b342fb3a3f9","slug":"was-a-celebration-devotthani-ekadashi","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मनाई गई देवोत्थानी एकादशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मनाई गई देवोत्थानी एकादशी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
देवोत्थानी एकादशी पर गन्ना खरीदते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में गुरुवार को देवोत्थानी एकादशी धूमधाम से मनाई गई। गुरुवार की सुबह से घर के आंगन में भगवान विष्णु के चरण बनाकर उनकी धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य, गन्ना, सिंघाड़ा आदि से पूजा अर्चना हुई।
पंडित रमेश दुबे बताते हैं कि देवोत्थानी एकादशी को व्रत रहकर भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए। मान्यता है कि अषाठ शुक्ल एकादशी से भगवान निद्रांसन में चले जाते हैं। इसके बाद सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं।
कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थानी एकादशी कहा जाता है। इसी दिन से मांगलिक कार्र्यों की शुरुआत हो जाती है। गन्ने की पूजा की जाती है। गुरुवार को बाजार में गन्ने की कीमत में बढ़ गई। एक गन्ना 30 रुपये से लेकर 50 रुपये में गन्ना बिका।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंडित रमेश दुबे बताते हैं कि देवोत्थानी एकादशी को व्रत रहकर भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए। मान्यता है कि अषाठ शुक्ल एकादशी से भगवान निद्रांसन में चले जाते हैं। इसके बाद सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं।
विज्ञापन
कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थानी एकादशी कहा जाता है। इसी दिन से मांगलिक कार्र्यों की शुरुआत हो जाती है। गन्ने की पूजा की जाती है। गुरुवार को बाजार में गन्ने की कीमत में बढ़ गई। एक गन्ना 30 रुपये से लेकर 50 रुपये में गन्ना बिका।
विज्ञापन