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ट्रक की टक्कर से सब्जी विक्रेता की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Tue, 26 Jun 2018 01:15 AM IST
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सब्जी विक्रेता की मौत की खबर पाकर मौके पर जमा भीड़।
घाटमपुर/मूसानगर। कोतवाली क्षेत्र के यमुना नदी पर बने मनकी घाट पुल के निकट ट्रक की टक्कर से सब्जी विक्रेता की मौत हो गई। उसका शव पुल के पास एक खड्ड में पड़ा मिला। लोगों ने शव को पुल के बीचों-बीच रखकर कुरारा-मूसानगर मार्ग पर जाम लगा दिया। कई घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान कोतवाली घाटमपुर के अलावा थाना मूसानगर (कानपुर देहात) और कुरारा (हमीरपुर) की पुलिस मौके पर पहुंची। शाम को नायब तहसीलदार (घाटमपुर) मौजीलाल और केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के निजी सचिव राजेंद्र निषाद ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना कुरारा (हमीरपुर) के गांव मनकी कलां निवासी सरवन निषाद (50) सोमवार की सुबह साइकिल पर सब्जी लेकर मूसानगर कसबे में बेंचने गया था। दोपहर बाद तक जब वह घर वापस नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। गांव दिबैर मड़ैया, कालपी (जालौन) निवासी सरवन के ससुर दयाराम निषाद बाइक से खोजते हुए मनकी घाट पुल पर पहुंचे। वहां उनको सरवन की साइकिल रोड के किनारे खड़ी दिखी। उन्होंने आसपास तलाश शुरू की तो सरवन का रक्तरंजित शव रोड किनारे एक खड्ड में पड़ा था।
सूचना मिलते ही मनकी खुर्द और मनकी कला गांवों समेत आसपास के कई गावों के लोग वहां पहुंच गए। उत्तेजित लोगों ने शव को पुल के बीचों-बीच रखकर कुरारा-मूसानगर मार्ग पर जाम लगा दिया।
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भीड़ का आरोप था कि पुलिस और खनन माफियाओं की शह पर मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक हमीरपुर अथवा कालपी के पुलों से होकर निकलने की जगह मनकी घाट पर बने पुल से निकलवाए जाते हैं जिसके एवज में उनको मोटी रकम मिलती है।
भीड़ ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया जिसकी सूचना मिलने पर कोतवाली घाटमपुर, थाना मूसानगर और कुरारा की पुलिस पहुंची। घाटमपुर के इंस्पेक्टर (कानून व्यवस्था) भास्कर मिश्रा दल-बल के साथ पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझाने की कोशिश की लेकिन, लोग मानने को तैयार नहीं हुए। इंस्पेक्टर (कानून व्यवस्था) ने बताया कि मनकी घाट तीन जिलों कानपुर देहात, कानपुर नगर और हमीरपुर की सीमाक्षेत्र में पड़ता है। बताया कि पुल से ओवरलोड ट्रक निकलवाने में किसी भूमिका है इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इधर, शाम तक भीड़ जाम खोलने को राजी नहीं हुई और मौके पर डीएम अथवा किसी अन्य सक्षम अधिकारी को बुलाने की मांग करने लगी। तब नायब तहसीलदार (घाटमपुर) और केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के निजी सचिव मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने मृतक के परिजनों को तत्काल 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने और कृषक बीमा दुर्घटना का लाभ दिलाने की बात कही। जिस पर भीड़ राजी हो गई और जाम खोल दिया।
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थाना कुरारा (हमीरपुर) के गांव मनकी कलां निवासी सरवन निषाद (50) सोमवार की सुबह साइकिल पर सब्जी लेकर मूसानगर कसबे में बेंचने गया था। दोपहर बाद तक जब वह घर वापस नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। गांव दिबैर मड़ैया, कालपी (जालौन) निवासी सरवन के ससुर दयाराम निषाद बाइक से खोजते हुए मनकी घाट पुल पर पहुंचे। वहां उनको सरवन की साइकिल रोड के किनारे खड़ी दिखी। उन्होंने आसपास तलाश शुरू की तो सरवन का रक्तरंजित शव रोड किनारे एक खड्ड में पड़ा था।
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सूचना मिलते ही मनकी खुर्द और मनकी कला गांवों समेत आसपास के कई गावों के लोग वहां पहुंच गए। उत्तेजित लोगों ने शव को पुल के बीचों-बीच रखकर कुरारा-मूसानगर मार्ग पर जाम लगा दिया।
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भीड़ का आरोप था कि पुलिस और खनन माफियाओं की शह पर मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक हमीरपुर अथवा कालपी के पुलों से होकर निकलने की जगह मनकी घाट पर बने पुल से निकलवाए जाते हैं जिसके एवज में उनको मोटी रकम मिलती है।
भीड़ ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया जिसकी सूचना मिलने पर कोतवाली घाटमपुर, थाना मूसानगर और कुरारा की पुलिस पहुंची। घाटमपुर के इंस्पेक्टर (कानून व्यवस्था) भास्कर मिश्रा दल-बल के साथ पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझाने की कोशिश की लेकिन, लोग मानने को तैयार नहीं हुए। इंस्पेक्टर (कानून व्यवस्था) ने बताया कि मनकी घाट तीन जिलों कानपुर देहात, कानपुर नगर और हमीरपुर की सीमाक्षेत्र में पड़ता है। बताया कि पुल से ओवरलोड ट्रक निकलवाने में किसी भूमिका है इसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे। बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इधर, शाम तक भीड़ जाम खोलने को राजी नहीं हुई और मौके पर डीएम अथवा किसी अन्य सक्षम अधिकारी को बुलाने की मांग करने लगी। तब नायब तहसीलदार (घाटमपुर) और केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के निजी सचिव मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने मृतक के परिजनों को तत्काल 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने और कृषक बीमा दुर्घटना का लाभ दिलाने की बात कही। जिस पर भीड़ राजी हो गई और जाम खोल दिया।