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जुनैदपुर में 11 हजार नारियलों की अनोखी होली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Mar 2017 02:00 AM IST
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बाला जी दरबार में इस तरह से सजाई गई है नारियल की होली।
- फोटो : अमर उजाला
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अकबरपुर क्षेत्र के जुनैदपुर गांव स्थित आस्था के केंद्र श्री बालाजी दरबार में प्रत्येक वर्षों की तरह नारियल की होली जलाई जाएगी। इसके लिए होलिका दहन स्थल पर नारियल एकत्रित करने का कार्य पिछले कई दिनों से शुरू है। इस अनोखी होलिका दहन को देखने के लिए प्रदेश के कई शहरों व गांवों से लोगों का एकत्रित होते हैं। इसकी तैयारियां की जा रही हैं।
माती मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित जुनैदपुर गांव में आस्था के केंद्र श्री बाला जी दरबार मंदिर में प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में नारियल की होली जलाकर संकटमोचन हनुमान के साथ भक्त श्रद्धाभाव से होली खेलते हैं।
मान्यता है कि होली के अवसर पर बालाजी के दरबार में सजने वाली होली में अपने भक्तों ऊपर से उतारा कर नारियल को होलिका में भेंट करने से सारे संकट जलकर समाप्त हो जाते हैं। होलिका दहन के बाद बाली जी को अबीर गुलाल अर्पित कर एक दूसरे के साथ प्रेमपूर्वक होली खेलते है। होली के नजदीक आते ही नारियल की होली का आकार प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
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बाबा के दरबार में नारियल की होली जलाने के लिए प्रदेश के कोने कोने से लोगों का जुटना शुरू हो गया है। मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि 11 हजार नारियलों को पिरामिड का आकार देकर होलिका बनाई गई है। इसके बाद दरबार में छप्पन भोग व सवा मनी के बाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
बताया कि शुभ मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महंत कमलकांत भक्तों के साथ होलिका दहन करेंगे। महंत कमलाकांत ने बताया कि इस बार जगनपुर गांव की नीशू तिवारी ने थर्माकोल के माध्यम से लगाए गए गेटों की सजावट की है जो कि काफी आकर्षक हैं।
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माती मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित जुनैदपुर गांव में आस्था के केंद्र श्री बाला जी दरबार मंदिर में प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में नारियल की होली जलाकर संकटमोचन हनुमान के साथ भक्त श्रद्धाभाव से होली खेलते हैं।
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मान्यता है कि होली के अवसर पर बालाजी के दरबार में सजने वाली होली में अपने भक्तों ऊपर से उतारा कर नारियल को होलिका में भेंट करने से सारे संकट जलकर समाप्त हो जाते हैं। होलिका दहन के बाद बाली जी को अबीर गुलाल अर्पित कर एक दूसरे के साथ प्रेमपूर्वक होली खेलते है। होली के नजदीक आते ही नारियल की होली का आकार प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
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बाबा के दरबार में नारियल की होली जलाने के लिए प्रदेश के कोने कोने से लोगों का जुटना शुरू हो गया है। मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि 11 हजार नारियलों को पिरामिड का आकार देकर होलिका बनाई गई है। इसके बाद दरबार में छप्पन भोग व सवा मनी के बाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
बताया कि शुभ मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महंत कमलकांत भक्तों के साथ होलिका दहन करेंगे। महंत कमलाकांत ने बताया कि इस बार जगनपुर गांव की नीशू तिवारी ने थर्माकोल के माध्यम से लगाए गए गेटों की सजावट की है जो कि काफी आकर्षक हैं।