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उफनाई सेंगुर नदी, फसलें डूबीं, गांवों का संपर्क टूटा
अमर उजाला
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:22 AM IST
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यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से सेंगुर नदी एक बार से फिर उफना गई है। पानी सड़कों पर आने से आसपास के गांवों से संपर्क टूट गया, जबकि सैकड़ों बीघा फसल डूबी हुई है। खेतों में पानी होने से मवेशियों के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है।
आढ़न गांव निवासी शत्रुघ्न, पप्पू निषाद, रवींद्र कुमार ने बताया कि 15 दिन में तीसरी बार यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से सेंगुर नदी उफनाई है। गांव की पुलिया पर पानी भरने से आवागमन का रास्ता ठप हो गया है। लोग नावों का सहारा लेना पड़ता है। प्रशासनिक मदद न मिलने से निजी नाव चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। पानी भर जाने से सैकड़ों बीघे खेतों में खड़ी तिल, उरद, मक्का, ज्वार आदि की फसलें नष्ट हो गई हैं। मवेशियों के चारे की समस्या गहरा गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जल्द ही पथार गांव की पुलिया डूब जायेगी। जलस्तर की ऐसी स्थिति रही तो दर्जनों गांवों का संपर्क टूट जायेगा। जलस्तर तेजी बढ़ने के चलते ग्रामीण पलायन करने लगे हैं।
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आढ़न गांव निवासी शत्रुघ्न, पप्पू निषाद, रवींद्र कुमार ने बताया कि 15 दिन में तीसरी बार यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से सेंगुर नदी उफनाई है। गांव की पुलिया पर पानी भरने से आवागमन का रास्ता ठप हो गया है। लोग नावों का सहारा लेना पड़ता है। प्रशासनिक मदद न मिलने से निजी नाव चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। पानी भर जाने से सैकड़ों बीघे खेतों में खड़ी तिल, उरद, मक्का, ज्वार आदि की फसलें नष्ट हो गई हैं। मवेशियों के चारे की समस्या गहरा गई है।
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ग्रामीणों ने बताया कि जिस रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जल्द ही पथार गांव की पुलिया डूब जायेगी। जलस्तर की ऐसी स्थिति रही तो दर्जनों गांवों का संपर्क टूट जायेगा। जलस्तर तेजी बढ़ने के चलते ग्रामीण पलायन करने लगे हैं।
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