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बुखार से अधेड़ समेत दो की मौत, कई बीमार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:02 AM IST
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फाइल फोटो रामबाबू विश्वकर्मा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विकास खंड के कई गांवों में बुखार का प्रकोप फैला है। शंकरपुर, बौहार और अंरजराम के बाद मेहरौली और साढ़ कस्बे में रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीते शुक्रवार की देर शाम मेहरौली गांव निवासी एक अधेड़ की जबकि, शनिवार की भोर साढ़ कस्बे में एक युवक की बुखार से मौत होने की सूचना है। इधर, शंकरपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों के प्रकोप को कम करने के लिए गलियों में फागिंग भी कराई गई।
मेहरौली गांव के प्रधान राजू यादव ने बताया कि बीते एक सप्ताह से बुखार का प्रकोप फैला है। बताया कि गांव निवासी रामबाबू विश्वकर्मा (48) रोग की चपेट में था। बीते शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर परिजन कांशीराम अस्पताल (कानपुर) में भर्ती कराने ले जा रहे थे। लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी रास्ते में मौत हो गई। मृतक की पत्नी रामकली ने बताया कि डाक्टरों ने जांच में टायफाइड बताया था। उसने बताया कि बहू वर्षा विश्वकर्मा (26) भी बुखार से पीड़ित है जिसका इलाज कराया जा रहा है। वहीं, गांव में प्रेम कुरील (60), रामसेवक (65), रामबली, देशराज, सेवक, संदीप, शालिनी, पुत्तन और सुयश समेत करीब 15 लोग बुखार से पीड़ित हैं। इधर, साढ़ कसबा निवासी गुड़ व्यापारी राकेश शुक्ला (38) को भी बीते कई दिनों से बुखार आ रहा था। उसका स्थानीय स्तर पर ही इलाज कराया जा रहा था। शनिवार की भोर उसकी मौत हो गई।
मेहरौली गांव में बीते वर्ष भी हुई थीं तीन मौतें
भीतरगांव (घाटमपुर)। मेहरौली गांव में बीते वर्ष भी बुखार फैला था। जिसकी चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हुई थी। गांववालों ने बताया कि बीते तीन महीने से सफाई कर्मचारी नहीं आया है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और उसमें रोगवाहक कीटाणु और मच्छर पलने से दिक्कत हो रही है। मलेरिया विभाग की टीम ने बुखार प्रभावित गांवों शंकरपुर, बौहार, अरंजराम, अरंजराय, गाजीपुर और तिवारीपुर में फांगिग शुरू कराई है। जबकि, साढ़ और मेहरौली में भी दवा का छिड़काव कराने की योजना है।
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मेहरौली गांव के प्रधान राजू यादव ने बताया कि बीते एक सप्ताह से बुखार का प्रकोप फैला है। बताया कि गांव निवासी रामबाबू विश्वकर्मा (48) रोग की चपेट में था। बीते शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर परिजन कांशीराम अस्पताल (कानपुर) में भर्ती कराने ले जा रहे थे। लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी रास्ते में मौत हो गई। मृतक की पत्नी रामकली ने बताया कि डाक्टरों ने जांच में टायफाइड बताया था। उसने बताया कि बहू वर्षा विश्वकर्मा (26) भी बुखार से पीड़ित है जिसका इलाज कराया जा रहा है। वहीं, गांव में प्रेम कुरील (60), रामसेवक (65), रामबली, देशराज, सेवक, संदीप, शालिनी, पुत्तन और सुयश समेत करीब 15 लोग बुखार से पीड़ित हैं। इधर, साढ़ कसबा निवासी गुड़ व्यापारी राकेश शुक्ला (38) को भी बीते कई दिनों से बुखार आ रहा था। उसका स्थानीय स्तर पर ही इलाज कराया जा रहा था। शनिवार की भोर उसकी मौत हो गई।
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मेहरौली गांव में बीते वर्ष भी हुई थीं तीन मौतें
भीतरगांव (घाटमपुर)। मेहरौली गांव में बीते वर्ष भी बुखार फैला था। जिसकी चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हुई थी। गांववालों ने बताया कि बीते तीन महीने से सफाई कर्मचारी नहीं आया है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और उसमें रोगवाहक कीटाणु और मच्छर पलने से दिक्कत हो रही है। मलेरिया विभाग की टीम ने बुखार प्रभावित गांवों शंकरपुर, बौहार, अरंजराम, अरंजराय, गाजीपुर और तिवारीपुर में फांगिग शुरू कराई है। जबकि, साढ़ और मेहरौली में भी दवा का छिड़काव कराने की योजना है।
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