{"_id":"598771a54f1c1b812a8b46fb","slug":"train-scaped-from-being-accident","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुखरायां में हादसे से बची इंदौर-पटना एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुखरायां में हादसे से बची इंदौर-पटना एक्सप्रेस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:14 AM IST
विज्ञापन
अधिकारियों की देखरेख में पटरियों की मरम्मत करते कर्मचारी
- फोटो : amarujala
रेलवे स्टेशन के पास शनिवार रात सुपरफास्ट ट्रेन इंदौर-पटना (19321) एक्सप्रेस मंडी क्रॉसिंग पर चकरेल से टकरा गई। शुक्र है कि इससे किसी तरह की जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। चकरेल टूट गया।
केबिनमैन की जानकारी पर अफसर पहुंचे। मरम्मत के दौरान सभी ट्रेनों को 10 की स्पीड से गुजारा गया।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस शनिवार की रात 2:45 बजे पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास गेट पर पटरियों की सुरक्षा के लिए लगे चकरेल से टकरा गई। इससे चकरेल के कई टुकडे़ हो गए।
इससे हुई आवाज से केबिनमैन मनोज कुमार ने देखा तो चकरेल टूटा था। उन्होंने सहायक स्टेशन मास्टर देवेंद्र सचान को सूचना दी और यहां से उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। पीडब्ल्यूआई एसके त्रिवेदी रेलवे कर्मचारियों की टीम के साथ सुबह पांच बजे मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
एडीएन और कई अधिकारी भी मौके पर आए पहुंचे। एडीएन और पीडब्ल्यूआई ने बताया कि कोई दुर्घटना नहीं हुई। निर्धारित समय पर पटरियों की मरम्मत कराई जा रही है। 12 घंटे तक हुई मरम्मत के दौरान मुम्बई-गोरखपुर अप-डाउन, झांसी-कानपुर इंटरसिटी, कानपुर-झांसी व झांसी-कानपुर पैसेंजर, बरौनी-ग्वालियर अप-डाउन, राप्ती सागर और माल गाड़ियों को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की कॉशन रफ्तार (सावधानी) से निकाला गया। 20 नंवबर 2016 में पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट से 152 यात्रियों की मौत हुई थी और 300 से अधिक यात्री घायल हुए थे।
पटरी और स्लीपर के बीच होती है चकरेल
चकरेल पटरी और स्लीपर के बीच लगी होती है। पटरी को सहारा देने के लिए क्रॉसिंग वाली लाइनों पर चकरेल लगी होती है।
पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस इसलिए चकरेल से टकराई क्योंकि यहां चकरेल कुछ उठी हुई थी, जो ट्रेन के पहिये से टकरा गई। इससे हादसा हुआ।
विज्ञापन
केबिनमैन की जानकारी पर अफसर पहुंचे। मरम्मत के दौरान सभी ट्रेनों को 10 की स्पीड से गुजारा गया।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस शनिवार की रात 2:45 बजे पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास गेट पर पटरियों की सुरक्षा के लिए लगे चकरेल से टकरा गई। इससे चकरेल के कई टुकडे़ हो गए।
विज्ञापन
इससे हुई आवाज से केबिनमैन मनोज कुमार ने देखा तो चकरेल टूटा था। उन्होंने सहायक स्टेशन मास्टर देवेंद्र सचान को सूचना दी और यहां से उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। पीडब्ल्यूआई एसके त्रिवेदी रेलवे कर्मचारियों की टीम के साथ सुबह पांच बजे मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
एडीएन और कई अधिकारी भी मौके पर आए पहुंचे। एडीएन और पीडब्ल्यूआई ने बताया कि कोई दुर्घटना नहीं हुई। निर्धारित समय पर पटरियों की मरम्मत कराई जा रही है। 12 घंटे तक हुई मरम्मत के दौरान मुम्बई-गोरखपुर अप-डाउन, झांसी-कानपुर इंटरसिटी, कानपुर-झांसी व झांसी-कानपुर पैसेंजर, बरौनी-ग्वालियर अप-डाउन, राप्ती सागर और माल गाड़ियों को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की कॉशन रफ्तार (सावधानी) से निकाला गया। 20 नंवबर 2016 में पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट से 152 यात्रियों की मौत हुई थी और 300 से अधिक यात्री घायल हुए थे।
पटरी और स्लीपर के बीच होती है चकरेल
चकरेल पटरी और स्लीपर के बीच लगी होती है। पटरी को सहारा देने के लिए क्रॉसिंग वाली लाइनों पर चकरेल लगी होती है।
पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस इसलिए चकरेल से टकराई क्योंकि यहां चकरेल कुछ उठी हुई थी, जो ट्रेन के पहिये से टकरा गई। इससे हादसा हुआ।