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दहेज हत्या में तीन को दस-दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:20 AM IST
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अदालत का फैसला।
कानपुर देहात। बरौर के देवब्रम्हापुर गांव में दस वर्ष पूर्व एक महिला की मौत के मामले में दहेज हत्या में नामजद अभियुक्तों को दस-दस वर्ष कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश सप्तम की अदालत में चल रही थी।
बरौर थाना क्षेत्र के देवब्रम्हापुर गांव निवासी धर्मेंद्र की पत्नी शर्मिला की वर्ष 2008 में आग से जलकर मौत हो गई थी। जिस पर लालपुर बिल्हौर के शर्मिला के पिता राजन लाल कुरील ने पति धर्मेंद्र सास माया देवी व ससुर अजय पाल और ननद संध्या व पुष्पा पर बेटी को दहेज के लिए जलाकर मारने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश सप्तम अखिलेश कुमार पाठक की अदालत में चल रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को अभियुक्त संध्या व पुष्पा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया जबकि पति व सास ससुर को घटना का दोषी मानते हुए दस-दस वर्ष का कठोर कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड का की सजा सुनाई है। सहायक शासकीय अधिवक्ता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अर्थदंड की राशि अदा न करने पर अभियुक्तों को एक-एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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बरौर थाना क्षेत्र के देवब्रम्हापुर गांव निवासी धर्मेंद्र की पत्नी शर्मिला की वर्ष 2008 में आग से जलकर मौत हो गई थी। जिस पर लालपुर बिल्हौर के शर्मिला के पिता राजन लाल कुरील ने पति धर्मेंद्र सास माया देवी व ससुर अजय पाल और ननद संध्या व पुष्पा पर बेटी को दहेज के लिए जलाकर मारने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था।
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मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश सप्तम अखिलेश कुमार पाठक की अदालत में चल रही थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को अभियुक्त संध्या व पुष्पा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया जबकि पति व सास ससुर को घटना का दोषी मानते हुए दस-दस वर्ष का कठोर कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड का की सजा सुनाई है। सहायक शासकीय अधिवक्ता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अर्थदंड की राशि अदा न करने पर अभियुक्तों को एक-एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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