{"_id":"5b90351c867a557fff72f5df","slug":"three-people-including-woman-died-due-to-rain-in-the-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से घर गिरे, महिला समेत तीन लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से घर गिरे, महिला समेत तीन लोगों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:27 AM IST
विज्ञापन
हादसे के बाद गमगीन परिजन।
बिल्हौर। तहसील क्षेत्र के चौबेपुर और शिवराजपुर में बारिश के दौरान कच्चे घर गिरने से महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जानकारी पर पुलिस के अलावा तहसीलदार बिल्हौर, राजस्व कर्मी और विधायक मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता दिए जाने के साथ मुआवजा के लिए रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है। विधायक ने पीड़ितजनों को आवास दिलाने का भरोसा दिया है।
तहसील क्षेत्र में पांच दिनों से हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मकान जमींदोज होने से घटनाएं हो रही हैं। चौबेपुर प्रतिनिधि के अनुसार, बसंठी ग्राम पंचायत के गांव जोगिनडेरा गांव निवासी तूफाननाथ (24) मंगलवार रात परिवार के संग घर पर सोया था। अचानक रात दो बजे बारिश के दौरान मकान के कच्चे कमरे की दीवार अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। दीवार के मलबे में तूफान नाथ के दबने से मौके पर मौत हो गई, जबकि कुछ ही दूर पर लेटी पत्नी महजरी उर्फ माया और मासूम बच्चे दो वर्षीय प्रीति व सात माह बेटा उमर नाथ बाल-बाल बच गए।
वहीं, दूसरी घटना भौसाना ग्राम पंचायत के नुनियनपुरवा गांव में हुई। रात में पुतईं देवी (60) पत्नी सिपाही लाल अपने पुत्र रामू और बहू रुक्मणी के संग घर के कच्चे कमरे में सोईं थीं। बारिश के दौरान दीवार ढहने से तीनों लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन में बाहर निकाला और सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले गए। पुतई देवी को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
पुलिस ने पंचयातानामा भरकर तूफान सिंह और पुतईं देवी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहसीलदार अवनीश कुमार और अन्य राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को यथासंभव मदद दिए जाने के साथ मुआवजा रिपोर्ट तैयार की। क्षेत्रीय विधायक भगवती प्रसाद ने गांव पहुंचकर पीड़ितजनों को जल्द आवास दिलाने और आर्थिक सहायता का भरोसा दिया।
शिवराजपुर प्रतिनिधि के मुताबिक, क्षेत्र के राव लालपुर गांव में बुधवार की देर रात मूसलाधार बारिश से कच्चा मकान भर भराकर गिर गया। दुर्घटना में दिव्यांग की मौत हो गई। क्षेत्र कुंवरपुर ग्रामसभा का गांव राव लालपुर गांव निवासी दिव्यांग अजीत (23) पुत्र मुखलाल अपने घर में सोया था। देर रात शुरू हुई तेज बारिश से मकान भरभराकर ढह गया। कमरे में सो रहे अजीत की मौके पर दबकर मौत हो गई। मृतक की मां शतरूपा ने बताया कि घर का एक कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत के बाद रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई है।
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र में पांच दिनों से हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मकान जमींदोज होने से घटनाएं हो रही हैं। चौबेपुर प्रतिनिधि के अनुसार, बसंठी ग्राम पंचायत के गांव जोगिनडेरा गांव निवासी तूफाननाथ (24) मंगलवार रात परिवार के संग घर पर सोया था। अचानक रात दो बजे बारिश के दौरान मकान के कच्चे कमरे की दीवार अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। दीवार के मलबे में तूफान नाथ के दबने से मौके पर मौत हो गई, जबकि कुछ ही दूर पर लेटी पत्नी महजरी उर्फ माया और मासूम बच्चे दो वर्षीय प्रीति व सात माह बेटा उमर नाथ बाल-बाल बच गए।
विज्ञापन
वहीं, दूसरी घटना भौसाना ग्राम पंचायत के नुनियनपुरवा गांव में हुई। रात में पुतईं देवी (60) पत्नी सिपाही लाल अपने पुत्र रामू और बहू रुक्मणी के संग घर के कच्चे कमरे में सोईं थीं। बारिश के दौरान दीवार ढहने से तीनों लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन में बाहर निकाला और सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले गए। पुतई देवी को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
पुलिस ने पंचयातानामा भरकर तूफान सिंह और पुतईं देवी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहसीलदार अवनीश कुमार और अन्य राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को यथासंभव मदद दिए जाने के साथ मुआवजा रिपोर्ट तैयार की। क्षेत्रीय विधायक भगवती प्रसाद ने गांव पहुंचकर पीड़ितजनों को जल्द आवास दिलाने और आर्थिक सहायता का भरोसा दिया।
शिवराजपुर प्रतिनिधि के मुताबिक, क्षेत्र के राव लालपुर गांव में बुधवार की देर रात मूसलाधार बारिश से कच्चा मकान भर भराकर गिर गया। दुर्घटना में दिव्यांग की मौत हो गई। क्षेत्र कुंवरपुर ग्रामसभा का गांव राव लालपुर गांव निवासी दिव्यांग अजीत (23) पुत्र मुखलाल अपने घर में सोया था। देर रात शुरू हुई तेज बारिश से मकान भरभराकर ढह गया। कमरे में सो रहे अजीत की मौके पर दबकर मौत हो गई। मृतक की मां शतरूपा ने बताया कि घर का एक कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत के बाद रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई है।