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प्रसूता की मौत पर परिजनों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:17 AM IST
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प्रसूता की मौत पर परिजनों का हंगामा
- फोटो : amarujala
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राजपुर। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को प्रसव के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें कानपुर ले जाने की सलाह दी। वहीं कानपुर ले जाते समय प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
घटना पर गुस्साए परिजनों ने मुआवजे की मांग कर पीएचसी में शव रखकर हंगामा काटा और स्टाफ नर्स व वार्ड ब्वाय से मारपीट की। परिजनों को आरोप है कि 102 एंबुलेंस में डीजल न होने की वजह से महिला को समय से कानपुर नहीं ले जा सके, जिससे उनकी मौत हो गई।
थाना राजपुर के डाढ़ापुर निवासी सीताराम कश्यप की पत्नी गौरी (28) को शनिवार को प्रसव पीड़ा हुई। सीताराम के अनुसार, गांव की आशाबहू शिवकांती ने संस्थागत प्रसव के लिए राजपुर की पीएचसी के जच्चा-बच्चा केंद्र में भर्ती कराया। प्रसव पीड़ा के चलते देर गौरी की नाजुक हो गई।
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इस पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन, 102 एंबुलेंस में डीजल न होने से परिजन गौरी को नहीं ले जा सके। बाद में स्टाफ नर्सों ने आनन फानन में पीएचसी में ही उसका प्रसव कराया। गौरी के स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। लेकिन, अधिक स्राव होने से गौरी की हालत बिगड़ गई।
उसे कानपुर ले जाने की सलाह दी। निजी वाहन से कानपुर ले जाते वक्त रास्ते में गौरी की मौत हो गई। इस पर गुस्साए लोगों ने पीएचसी में कर्मचारियों से मारपीट भी की, जिससे सहमे कर्मचारी अस्पताल छोड़कर भाग गए।
सूचना मिलते ही पूर्व सांसद राकेश सचान, मुख्य चिकित्साधिकारी सुरेंद्र रावत, उपजिलाधिकारी दीपाली कौशिक मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। सीताराम ने धन उगाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की ।
सीएमओ ने कहा कि विभागीय जांच के बाद दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी रामकृष्ण मिश्र ने कहा कि डीएम के स्तर पर गठित पैनल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम दीपाली कौशिक ने आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया। देर शाम तक तहरीर नहीं दी गई। कई थानों का फोर्स भी तैनात कर दिया गया है।
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घटना पर गुस्साए परिजनों ने मुआवजे की मांग कर पीएचसी में शव रखकर हंगामा काटा और स्टाफ नर्स व वार्ड ब्वाय से मारपीट की। परिजनों को आरोप है कि 102 एंबुलेंस में डीजल न होने की वजह से महिला को समय से कानपुर नहीं ले जा सके, जिससे उनकी मौत हो गई।
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थाना राजपुर के डाढ़ापुर निवासी सीताराम कश्यप की पत्नी गौरी (28) को शनिवार को प्रसव पीड़ा हुई। सीताराम के अनुसार, गांव की आशाबहू शिवकांती ने संस्थागत प्रसव के लिए राजपुर की पीएचसी के जच्चा-बच्चा केंद्र में भर्ती कराया। प्रसव पीड़ा के चलते देर गौरी की नाजुक हो गई।
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इस पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन, 102 एंबुलेंस में डीजल न होने से परिजन गौरी को नहीं ले जा सके। बाद में स्टाफ नर्सों ने आनन फानन में पीएचसी में ही उसका प्रसव कराया। गौरी के स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। लेकिन, अधिक स्राव होने से गौरी की हालत बिगड़ गई।
उसे कानपुर ले जाने की सलाह दी। निजी वाहन से कानपुर ले जाते वक्त रास्ते में गौरी की मौत हो गई। इस पर गुस्साए लोगों ने पीएचसी में कर्मचारियों से मारपीट भी की, जिससे सहमे कर्मचारी अस्पताल छोड़कर भाग गए।
सूचना मिलते ही पूर्व सांसद राकेश सचान, मुख्य चिकित्साधिकारी सुरेंद्र रावत, उपजिलाधिकारी दीपाली कौशिक मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। सीताराम ने धन उगाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की ।
सीएमओ ने कहा कि विभागीय जांच के बाद दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी रामकृष्ण मिश्र ने कहा कि डीएम के स्तर पर गठित पैनल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम दीपाली कौशिक ने आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया। देर शाम तक तहरीर नहीं दी गई। कई थानों का फोर्स भी तैनात कर दिया गया है।