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स्वतंत्रता सेनानी रामसेवक सचान को दी गई अंतिम विदाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Nov 2016 02:10 AM IST
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गार्ड ऑफ ऑनर पेश करते पुलिस के जवान
- फोटो : अमर उजाला
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ग्रामपंचायत फत्तेपुर के मजरा बिबियापुर में शुक्रवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामसेवक सचान (102) को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
दिवंगत सेनानी के छोटे पुत्र अनिल कुमार ने बताया कि पिता तीन दिनों से बीमार थे। गुरुवार की शाम उनका निधन हो गया। उनके पिता आजादी की लड़ाई के दौरान 1942 में गिरफ्तार हुए थे। अंग्रेजी हुकूमत ने उनको तीन महीने कैद रखा था। वह अपने जीवनकाल में गांव और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी आंदोलन करते रहे।
उन्होंने हाल ही में बिजली की समस्या को लेकर स्थानीय सबस्टेशन पर आमरण अनशन किया था। क्षेत्र के लोगों को भी प्रेरणा मिलती थी। नायब तहसीलदार संजय कुमार सिंह ने परिजनों को सरकारी सहायता दी।
सेनानी के सम्मान में पुलिस गारद ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। बड़े बेटे संतोष कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी। पत्नी रामदेवी, बेटियां मनोरमा व शशिबाला, मझले पुत्र सरोजकुमार, भतीजे अविनाश समेत परिजन बेहाल रहे, वहीं गांव में मातम छाया रहा।
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दिवंगत सेनानी के छोटे पुत्र अनिल कुमार ने बताया कि पिता तीन दिनों से बीमार थे। गुरुवार की शाम उनका निधन हो गया। उनके पिता आजादी की लड़ाई के दौरान 1942 में गिरफ्तार हुए थे। अंग्रेजी हुकूमत ने उनको तीन महीने कैद रखा था। वह अपने जीवनकाल में गांव और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी आंदोलन करते रहे।
उन्होंने हाल ही में बिजली की समस्या को लेकर स्थानीय सबस्टेशन पर आमरण अनशन किया था। क्षेत्र के लोगों को भी प्रेरणा मिलती थी। नायब तहसीलदार संजय कुमार सिंह ने परिजनों को सरकारी सहायता दी।
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सेनानी के सम्मान में पुलिस गारद ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। बड़े बेटे संतोष कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी। पत्नी रामदेवी, बेटियां मनोरमा व शशिबाला, मझले पुत्र सरोजकुमार, भतीजे अविनाश समेत परिजन बेहाल रहे, वहीं गांव में मातम छाया रहा।
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