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हत्या कर फेंका गया था वैन चालक का शव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2016 02:27 AM IST
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खुलासे की जानकारी देते चौकी इंचार्ज।
- फोटो : अमर उजाला
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भाऊपुर क्षेत्र के गांव भीखर में बाजरे के खेत में पड़े मिले अज्ञात शव की शिनाख्त हो गई है। बीते 12 सितंबर को मिला शव औरैया जिले के रोहाई मोहल्ले निवासी वैन चालक अरुण कुमार पाठक पुत्र रामकेश पाठक का है। परिजनों कहना है कि अरुण की हत्या कर शव को खेत में डाल दिया। इधर, भाऊपुर पुलिस चौकी इंचार्ज नरेंद्र सिंह कहना है कि जांच कर हत्या का खुलासा किया जाएगा।
भाऊपुर चौकी इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि औरैया जिले के बाल मुकुंद अवस्थी की वैन मृतक अरुण कुमार पाठक चलाता था। बीती आठ सितंबर को वह किसी के साथ वैन लेकर गया था। इसके बाद वह नहीं लौटा। वैन मालिक ने पुलिस को सूचना दी थी। काफी खोजबीन के बाद सूचना पर भाऊपुर पहुंचे मृतक के बडे़ भाई राजेंद्र कुमार पाठक ने शव की शिनाख्त अपने छोटे भाई अरुण के रूप में की।
राजेंद्र के मुताबिक वह लोग मूल रूप से जिला जालौन के थाना सिरसा कलार के गांव अंगदेपुर के रहने वाले हैं। भाई की मौत की सूचना पर बहन सुशीला, छोटा भाई विनय पाठक पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब खुलासे के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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आखिर भीखर कैसे पहुंचा अरुण- शिवली। शिनाख्त के साथ एक प्रश्न सभी के जेहन में है कि आखिर वैन चालक अरुण कैसे पहुंचा। और यह घटना कैसे घटी। इस वारदात में कौन लोग शामिल थे, यह अभी तक पता नहीं चल सका। भीखर गांव में रेलवे ट्रैक के अलावा नहर भी है। हत्यारे शव को कहीं भी फेंक सकते थे। आखिर शव को भीखर गांव में ही क्यों फेंका गया, इसका खुलासा पुलिस जांच ही पता चल सकेगा।
तीन जिलों का कनेक्शन-
मृतक जालौन जिले के थाना सिरसा कलार के अंगदेपुर का मूल निवासी था। यह औरेया जिले के रोहाई में रहकर वैन चलाने का काम करता था। औरेया जिले से कानपुर देहात कैसे पहुंचा। ग्रामीणों की मुताबिक युवक की हत्या बेदर्दी से की गई थी। पुलिस व ग्रामीणों को लग रहा है कि इन तीनों जिलों का इस हत्या के साथ कोई न कोई कनेक्शन जरूर है।
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भाऊपुर चौकी इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि औरैया जिले के बाल मुकुंद अवस्थी की वैन मृतक अरुण कुमार पाठक चलाता था। बीती आठ सितंबर को वह किसी के साथ वैन लेकर गया था। इसके बाद वह नहीं लौटा। वैन मालिक ने पुलिस को सूचना दी थी। काफी खोजबीन के बाद सूचना पर भाऊपुर पहुंचे मृतक के बडे़ भाई राजेंद्र कुमार पाठक ने शव की शिनाख्त अपने छोटे भाई अरुण के रूप में की।
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राजेंद्र के मुताबिक वह लोग मूल रूप से जिला जालौन के थाना सिरसा कलार के गांव अंगदेपुर के रहने वाले हैं। भाई की मौत की सूचना पर बहन सुशीला, छोटा भाई विनय पाठक पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब खुलासे के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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आखिर भीखर कैसे पहुंचा अरुण- शिवली। शिनाख्त के साथ एक प्रश्न सभी के जेहन में है कि आखिर वैन चालक अरुण कैसे पहुंचा। और यह घटना कैसे घटी। इस वारदात में कौन लोग शामिल थे, यह अभी तक पता नहीं चल सका। भीखर गांव में रेलवे ट्रैक के अलावा नहर भी है। हत्यारे शव को कहीं भी फेंक सकते थे। आखिर शव को भीखर गांव में ही क्यों फेंका गया, इसका खुलासा पुलिस जांच ही पता चल सकेगा।
तीन जिलों का कनेक्शन-
मृतक जालौन जिले के थाना सिरसा कलार के अंगदेपुर का मूल निवासी था। यह औरेया जिले के रोहाई में रहकर वैन चलाने का काम करता था। औरेया जिले से कानपुर देहात कैसे पहुंचा। ग्रामीणों की मुताबिक युवक की हत्या बेदर्दी से की गई थी। पुलिस व ग्रामीणों को लग रहा है कि इन तीनों जिलों का इस हत्या के साथ कोई न कोई कनेक्शन जरूर है।