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मॉडल स्कूलों के लिए नहीं मिले शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:18 AM IST
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डेरापुर का प्राथमिक विद्यालय प्रथम।
कानपुर देहात। जिले के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों की दशा सुधारने के लिए सरकार ने प्रत्येक ब्लाक में पांच स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में चयनित कर अंग्रेजी माध्यम से संचालित करने का निर्देश दिया था।
विभाग ने जिले में 50 स्कूलों का चयन तो कर लिया लेकिन उनके लिए शिक्षकों की व्यवस्था अब तक नहीं की जा सकी है। शिक्षण सत्र का पहला दिन ऐसे ही बीत गया। किसी भी मॉडल स्कूल में बदलाव की शुरुआत नहीं हो सकी।
मॉडल स्कूल चयनित करने के बाद वहां अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होनी है। हर ब्लाक से पांच स्कूलों को मिलाकर 50 प्राथमिक विद्यालय मॉडल स्कूल चुने गए हैं। नए शिक्षण सत्र यानि एक अप्रैल से वहां अंग्रेजी माध्यम से स्कूलों का संचालन किया जाना था। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के चयन के बाद शिक्षकों के चयन की परीक्षा कराई।
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50 मॉडल स्कूलों के लिए दो सौ शिक्षकों की आवश्यकता है। इन शिक्षकों का चयन प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों से ही करना है। इसके लएि आयोजित परीक्षा में केवल 70 शिक्षक ही शामिल हुए थे। जबकि बड़ी संख्या में शिक्षकों की जरूरत है। किंतु शिक्षक मॉडल स्कूल में जाने के लिए इच्छुक नहीं है। इससे शिक्षकों ने परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया था।
अब विभाग के सामने समस्या यह है कि मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था कैसे की जाए। नए शिक्षण सत्र के पहले दिन मॉडल स्कूलों की हकीकत देखने अमर उजाला टीम निकली तो विभाग के दावे हवाई नजर आए। रसूलाबाद ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय जोत को मॉडल स्कूल चयनित किया गया है यहां प्रधानाध्यापक रोहित कुमार मौजूद मिले यहां कुल 89 बच्चे पंजीकृत हैं।
मॉडल स्कूल के लिए कनोई नया स्टाफ यहां नहीं पहुंचा। इसी तरह से प्राथमिक विद्यालय रसूलाबाद प्रथम, कहिंजरी, माल पुरवा आदि मॉडल स्कूलों में भी नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी।
डेरापुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय डेरापुर प्रथम में 88 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पहले से ही तैनात शिक्षक श्रीनिवास तिवारी, नीलम तिवारी तैनात हैं। शिक्षकों ने बताया कि मॉडल स्कूल चयनित होने की जानकारी है लेकिन अभी तक कोई नया स्टाफ नहीं आया है। प्राथमिक विद्यालय कुढ़ावल में 102 बच्चे पंजीकृत हैं यहां हेडमास्टर विनीता, राकेश कुमार, रवींद्रनाथ आदि शिक्षक मिले।
मॉडल स्कूल को लेकर यहां भी कोई तैयारी नहीं दिखी। सरवनखेड़ा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय करसा में भी नया स्टाफ नहीं पहुंचा। यहां भी पुराने शिक्षकों ने स्कूल खोलने की औपचारिकता निभाई।
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विभाग ने जिले में 50 स्कूलों का चयन तो कर लिया लेकिन उनके लिए शिक्षकों की व्यवस्था अब तक नहीं की जा सकी है। शिक्षण सत्र का पहला दिन ऐसे ही बीत गया। किसी भी मॉडल स्कूल में बदलाव की शुरुआत नहीं हो सकी।
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मॉडल स्कूल चयनित करने के बाद वहां अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होनी है। हर ब्लाक से पांच स्कूलों को मिलाकर 50 प्राथमिक विद्यालय मॉडल स्कूल चुने गए हैं। नए शिक्षण सत्र यानि एक अप्रैल से वहां अंग्रेजी माध्यम से स्कूलों का संचालन किया जाना था। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के चयन के बाद शिक्षकों के चयन की परीक्षा कराई।
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50 मॉडल स्कूलों के लिए दो सौ शिक्षकों की आवश्यकता है। इन शिक्षकों का चयन प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों से ही करना है। इसके लएि आयोजित परीक्षा में केवल 70 शिक्षक ही शामिल हुए थे। जबकि बड़ी संख्या में शिक्षकों की जरूरत है। किंतु शिक्षक मॉडल स्कूल में जाने के लिए इच्छुक नहीं है। इससे शिक्षकों ने परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया था।
अब विभाग के सामने समस्या यह है कि मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था कैसे की जाए। नए शिक्षण सत्र के पहले दिन मॉडल स्कूलों की हकीकत देखने अमर उजाला टीम निकली तो विभाग के दावे हवाई नजर आए। रसूलाबाद ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय जोत को मॉडल स्कूल चयनित किया गया है यहां प्रधानाध्यापक रोहित कुमार मौजूद मिले यहां कुल 89 बच्चे पंजीकृत हैं।
मॉडल स्कूल के लिए कनोई नया स्टाफ यहां नहीं पहुंचा। इसी तरह से प्राथमिक विद्यालय रसूलाबाद प्रथम, कहिंजरी, माल पुरवा आदि मॉडल स्कूलों में भी नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी।
डेरापुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय डेरापुर प्रथम में 88 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पहले से ही तैनात शिक्षक श्रीनिवास तिवारी, नीलम तिवारी तैनात हैं। शिक्षकों ने बताया कि मॉडल स्कूल चयनित होने की जानकारी है लेकिन अभी तक कोई नया स्टाफ नहीं आया है। प्राथमिक विद्यालय कुढ़ावल में 102 बच्चे पंजीकृत हैं यहां हेडमास्टर विनीता, राकेश कुमार, रवींद्रनाथ आदि शिक्षक मिले।
मॉडल स्कूल को लेकर यहां भी कोई तैयारी नहीं दिखी। सरवनखेड़ा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय करसा में भी नया स्टाफ नहीं पहुंचा। यहां भी पुराने शिक्षकों ने स्कूल खोलने की औपचारिकता निभाई।