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उप संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय दुर्दशा के कारण हुआ जर्जर

Mon, 22 Aug 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला
अमर उजाला Updated Mon, 22 Aug 2016 12:26 AM IST
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तहसील क्षेत्र में गिरती खेतों की उर्वरता को देखने हुए शासन स्तर से उप संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय में अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना कराई गई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण लाखों रुपये से तैयार लैब का कोई लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। वहीं करीब नब्बे हजार किसानों को योजनाएं पहुंचाने वाला तहसील स्तरीय कार्यालय पूरी तरह दुर्दशा का शिकार है। स्टाफ की कमी के कारण यहां आने वाले किसानों बिना किसी जानकारी के बैरंग ही लौट रहे हैं।
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प्राकृतिक मार से परेशान किसानों को सहूलियत देने के लिए सरकार की ओर से तहसील मुख्यालय में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी की तैनाती और कार्यालय स्थापना कराई गई है। इसी कार्यालय से चौबेपुर, शिवराजपुर, ककवन और बिल्हौर विकास खंड के कृषि क्षेत्र की उर्वरता, कृषि सयंत्र प्रबंधन, बीजे वितरण, कीट नाशक वितरण सहित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना, खाद वितरण, केसीसी आदि योजनाओं को संचालित किया जाता है।
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लेकिन जिला कृषि अधिकारी की अनदेखी के कारण कार्यालय परिसर बुरी तरह दुर्दशा का शिकार है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार भवन अनदेखी के कारण दिनों-दिन जर्जर होता जा रहा है। शाम ढलते ही अराजक तत्व भी परिसर में सक्रिय हो जाते हैं। वहीं वर्षों से उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ ही कार्यालय को संचालित करने में लगे हुए हैं। इससे विभाग की कई योजनाओं की जानकारी किसानों तक नहीं पहुंच पा रही है।
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किसानों के खेतों की उर्वरता बढ़ाने के लिए कार्यालय में लाखों रुपये खर्च का प्रयोगशाला का निर्माण भी वर्षों पहले सरकार की ओर से कराया गया था, लेकिन अनदेखी के कारण और प्रयोगशाला सहायक की नियुक्ति न होने से प्रयोगशाला उपकरण धूल खा रहे हैं। कार्यालय में तैनात प्रभारी विषय वस्तु विशेषज्ञ रामपाल ने बताया कि लैब में सिर्फ नाइट्रोजन, फासफोरस और पोटाश जांच के लिए ही सयंत्र लगे हैं, लेकिन कोई लैब सहायक की तैनाती न होने के लंबे समय से किसी भी किसान को मृदा स्वास्थ्य परीक्षण की लाभ नहीं मिला है।


किसान कानपुर स्थित मुख्यालय में जाकर इसका लाभ ले सकते हैं। कार्यालय से सिर्फ बीजों का वितरण ही मुख्य रूप से किया जाता है। शेष सभी कार्य कानपुर कार्यालय से ही संचालित होते हैं।
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