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नकली खाद और सिंचाई संकट का मुद्दा रहा छाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:15 AM IST
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घाटमपुर के समाधान दिवस में शिकायतें सुनते एसडीएम संजय कुमार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कस्बे के ब्लाक सभागार में आयोजित हुए संपूर्ण समाधान दिवस में कड़ाके की ठंड के बावजूद फरियादी पहुंचे। कुल 73 शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें 8 का त्वरित निस्तारण कराया गया। जबकि, शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर उनका समय सीमा में निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
उपजिलाधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में शुरू हुए संपूर्ण समाधान दिवस पर दोपहर बाद काफी संख्या में लोग पहुंच गए। कुल 73 शिकायतें दर्ज कराई गईं। पतारा के कई गांवों के किसानों ने रतनपुर गांव स्थित पीसीएफ केंद्र में नकली डीएपी खाद की बिक्री के मामले में शिकायत दर्ज कराई। किसानों ने बताया कि नकली खाद की बिक्री की शिकायत पर करीब 20 दिन पहले केंद्र को सीज कर दिया गया था। लेकिन, न तो केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और न जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जा रही है।
इधर, तेजपुर, रतनपुर, रंजीतपुर, लौकहा, घटवा, नंदना, बरौली, बिराहिनपुर, कठेठा, फत्तेपुर (तरगांव), टेनापुर और बलहापारा सहित अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि रतनपुर गांव के पीसीएफ केंद्र से डीएपी खरीदकर खेतों में डाली है। नकली खाद होने से गेहूं की फसल पर प्रभाव पड़ा है।
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आरोप लगाया कि नकली खाद के रैकेट का भंडाफोड़ करने में जान-बूझकर देरी की जा रही है। एसडीएम ने किसानों की शिकायत को पीसीएफ और कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के पास भेजने के निर्देश दिए।
वहीं, भदरस, धरमपुर, तिलसड़ा, पतरसा, भाट, परास, इटर्रा, हथेही और रतनपुर इलाके के किसानों ने नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग उठाई। किसानों ने बताया कि सफाई के नाम पर नहरों को बीते नवंबर के प्रथम सप्ताह में बंद कर दिया गया था। तब से पानी नहीं छोड़ा गया है। सैकड़ों एकड़ खेत पलेवा करने को परती पड़े हैं। वहीं, निजी संसाधनों से किसी तरह बोई गई गेहूं की फसल को पहली सिंचाई की सख्त जरूरत है। नायब तहसीलदार मौजीलाल ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में 8 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया।
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उपजिलाधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में शुरू हुए संपूर्ण समाधान दिवस पर दोपहर बाद काफी संख्या में लोग पहुंच गए। कुल 73 शिकायतें दर्ज कराई गईं। पतारा के कई गांवों के किसानों ने रतनपुर गांव स्थित पीसीएफ केंद्र में नकली डीएपी खाद की बिक्री के मामले में शिकायत दर्ज कराई। किसानों ने बताया कि नकली खाद की बिक्री की शिकायत पर करीब 20 दिन पहले केंद्र को सीज कर दिया गया था। लेकिन, न तो केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और न जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जा रही है।
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इधर, तेजपुर, रतनपुर, रंजीतपुर, लौकहा, घटवा, नंदना, बरौली, बिराहिनपुर, कठेठा, फत्तेपुर (तरगांव), टेनापुर और बलहापारा सहित अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि रतनपुर गांव के पीसीएफ केंद्र से डीएपी खरीदकर खेतों में डाली है। नकली खाद होने से गेहूं की फसल पर प्रभाव पड़ा है।
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आरोप लगाया कि नकली खाद के रैकेट का भंडाफोड़ करने में जान-बूझकर देरी की जा रही है। एसडीएम ने किसानों की शिकायत को पीसीएफ और कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के पास भेजने के निर्देश दिए।
वहीं, भदरस, धरमपुर, तिलसड़ा, पतरसा, भाट, परास, इटर्रा, हथेही और रतनपुर इलाके के किसानों ने नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग उठाई। किसानों ने बताया कि सफाई के नाम पर नहरों को बीते नवंबर के प्रथम सप्ताह में बंद कर दिया गया था। तब से पानी नहीं छोड़ा गया है। सैकड़ों एकड़ खेत पलेवा करने को परती पड़े हैं। वहीं, निजी संसाधनों से किसी तरह बोई गई गेहूं की फसल को पहली सिंचाई की सख्त जरूरत है। नायब तहसीलदार मौजीलाल ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में 8 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया।