{"_id":"58d82bf14f1c1b5d5e1a1234","slug":"preparations-for-the-nine-day-program-of-panchkund-yagya","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचकुंड यज्ञ के नौ दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचकुंड यज्ञ के नौ दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2017 02:30 AM IST
विज्ञापन
कृष्णानगर स्थित मां काली मंदिर में नवरात्र कार्यक्रम की तैयारियां।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृष्णा नगर वार्ड (पलिया) स्थित मां काली मंदिर में 28 मार्च से दुर्गा सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में नौ दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके लिए समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वार्ड नंबर पांच कृष्णा नगर (पलिया) में मां काली देवी मंदिर में लोग पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से देवी की आराधना करता है। माता उसकी मनोकामना पूरी करती है। उक्त मंदिर में कस्बे के जमींदार परिवार के लोग पूजा-अर्चना व सेवा करते आ रहे हैं।
मंदिर में होने वाले नौ दिवसीय कार्यक्रम के बारे में मॉ दुर्गा सत्संग सेवा समिति के अध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि 28 मार्च को कलश यात्रा निकलेगी। यात्रा के बाद दुर्गा सप्तशती यज्ञ एवं पूजन होगा।
विज्ञापन
29 मार्च बुधवार को श्रीमदभागवत कथा शुरू होगी। तीन अप्रैल से मेले का आयोजन होगा। छह अप्रैल को जवारे विसर्जन के साथ भंडारा होगा। कार्यक्रम के चलते मंदिर की साज-सज्जा के साथ मंडप की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
विज्ञापन
वार्ड नंबर पांच कृष्णा नगर (पलिया) में मां काली देवी मंदिर में लोग पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से देवी की आराधना करता है। माता उसकी मनोकामना पूरी करती है। उक्त मंदिर में कस्बे के जमींदार परिवार के लोग पूजा-अर्चना व सेवा करते आ रहे हैं।
विज्ञापन
मंदिर में होने वाले नौ दिवसीय कार्यक्रम के बारे में मॉ दुर्गा सत्संग सेवा समिति के अध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि 28 मार्च को कलश यात्रा निकलेगी। यात्रा के बाद दुर्गा सप्तशती यज्ञ एवं पूजन होगा।
विज्ञापन
29 मार्च बुधवार को श्रीमदभागवत कथा शुरू होगी। तीन अप्रैल से मेले का आयोजन होगा। छह अप्रैल को जवारे विसर्जन के साथ भंडारा होगा। कार्यक्रम के चलते मंदिर की साज-सज्जा के साथ मंडप की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।