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पहली बारिश में जगह-जगह भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:40 AM IST
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बारिश्ा
- फोटो : अमर उजाला
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मानसून की पहली बारिश होते ही क्षेत्र में जगह जगह पानी जमा हो गया। डींघ गांव के खरीद केंद्र से गेहूं लादने आया ट्रक दलदल में फंस गया, बाद में सुरक्षित निकाला गया। बारिश के कारण गुुरुवार को लगने वाली बाजार भी फीकी रही। वहीं, किसानों ने इस बारिश को काफी उपयोगी माना है।
गुरुवार की भोर पहर से शुरू हुई झमाझम बारिश करीब ढाई घंटे बाद थमी। अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक आ गई। खेतों में खड़ी मक्का, ज्वार और सब्जियों की फसलों में बारिश ने संजीवनी का काम किया है। साधन सहकारी समिति डींघ के सचिव ने बताया कि शासन की मूल्य समर्थन योजना के तहत 8,052 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। जिसमें 4,810 क्विंटल भंडारण के लिए भेजा जा चुका है।
बाकी गेहूं सुरक्षित रखा गया है, उसे भी भंडार गृह भेजना है। गेहूं की बोरिया उठाने के लिए आए दो ट्रक बारिश के कारण दलदल में फंस गए। बड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। वहीं, गांव के केदार सिंह, अश्वनीकुमार, गोविंदकुमार, देवेंद्र सिंह, कृपाशंकर ने बताया कि पशु चिकित्सालय टापू बन गया है। पशुपालकों और पशु चिकित्सक घुटनों तक भरे पानी को मंझा कर जाना-आना पड़ रहा है।
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बाजार में दुकानदार कम आए और जो आए उनको हाईवे के सर्विस रोड पर दुकानें लगानी पड़ीं। ग्रामप्रधान प्रीती देवी ने बताया कि गांव में जलनिकास के लिए नाला नहीं बना है। हाइवे के नाले का पानी भी पशु चिकित्सालय के मैदान में भरता है। नाली बनवाकर बरसात के पानी की निकासी का बंदोबस्त कराया जाएगा।
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गुरुवार की भोर पहर से शुरू हुई झमाझम बारिश करीब ढाई घंटे बाद थमी। अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक आ गई। खेतों में खड़ी मक्का, ज्वार और सब्जियों की फसलों में बारिश ने संजीवनी का काम किया है। साधन सहकारी समिति डींघ के सचिव ने बताया कि शासन की मूल्य समर्थन योजना के तहत 8,052 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। जिसमें 4,810 क्विंटल भंडारण के लिए भेजा जा चुका है।
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बाकी गेहूं सुरक्षित रखा गया है, उसे भी भंडार गृह भेजना है। गेहूं की बोरिया उठाने के लिए आए दो ट्रक बारिश के कारण दलदल में फंस गए। बड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। वहीं, गांव के केदार सिंह, अश्वनीकुमार, गोविंदकुमार, देवेंद्र सिंह, कृपाशंकर ने बताया कि पशु चिकित्सालय टापू बन गया है। पशुपालकों और पशु चिकित्सक घुटनों तक भरे पानी को मंझा कर जाना-आना पड़ रहा है।
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बाजार में दुकानदार कम आए और जो आए उनको हाईवे के सर्विस रोड पर दुकानें लगानी पड़ीं। ग्रामप्रधान प्रीती देवी ने बताया कि गांव में जलनिकास के लिए नाला नहीं बना है। हाइवे के नाले का पानी भी पशु चिकित्सालय के मैदान में भरता है। नाली बनवाकर बरसात के पानी की निकासी का बंदोबस्त कराया जाएगा।