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रथ पर सवार होकर निकले भगवान जगन्नाथ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:23 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए रविवार को कस्बे के बेंहटा-बुजुर्ग गांव में रथयात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। वहीं, रथयात्रा के स्वागत के लिए गांव की गलियों और घरों को बंदनवारों और तोरणद्वार से सजाया गया था।
रथयात्रा में मौजूद भक्तों ने बताया कि पुरी (उड़ीसा) की तर्ज पर बेंहटा-बुजुर्ग गांव के प्राचीन मंदिर से असाढ़ शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकाली जाती है। यात्रा दोपहर बाद शुरू होती है, इसके बाद पूरे गांव के भ्रमण करने के बाद शाम को मंदिर परिसर में समापन किया जाता है। भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और सुभद्रा एक रथ पर सवार थे। रथ को गांव के युवक उत्साहपूर्वक खींच रहे थे। रथ के पीछे चल रहे दूसरे रथ पर शिव और पार्वती के स्वरूप सवार थे। डीजे और भांगड़ा के ढोल बज रहे थे, जिनकी धुन पर युवक-युवतियां जमकर थिरक रहे थे। रथयात्रा का संचालन पंकज पांडेय (छोटे मुन्ना) ने किया। इस दौरान महिलाओं का गीत, उड़ीसा जगन्नाथपुरी में ठाकुर जी तुम भले विराज्यो जी खास आकर्षण रहा।
भीतरगांव। रथयात्रा के स्वागत के लिए गांव की गलियों में आलेखन (रंगोली) सजाई गई थी। जगह-जगह स्टाल लगाकर शीतल जल, शर्बत और प्रसाद का वितरण किया गया। गलियों में बंदनवार और झालरें सजाने के साथ पीले रंग के झंडे लहरा रहे थे वहीं, स्वागत द्वार भी बनाए गए थे। वहीं, गांव के मुस्लिम भाइयों ने भी रथयात्रा का बढ़-चढ़कर स्वागत किया। घरों के सामने रथयात्रा का स्वागत लिखकर उत्साह बढ़ाया और भीड़ में शामिल लोगों को शीतल जल भी पिलाया।
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रथयात्रा में मौजूद भक्तों ने बताया कि पुरी (उड़ीसा) की तर्ज पर बेंहटा-बुजुर्ग गांव के प्राचीन मंदिर से असाढ़ शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकाली जाती है। यात्रा दोपहर बाद शुरू होती है, इसके बाद पूरे गांव के भ्रमण करने के बाद शाम को मंदिर परिसर में समापन किया जाता है। भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और सुभद्रा एक रथ पर सवार थे। रथ को गांव के युवक उत्साहपूर्वक खींच रहे थे। रथ के पीछे चल रहे दूसरे रथ पर शिव और पार्वती के स्वरूप सवार थे। डीजे और भांगड़ा के ढोल बज रहे थे, जिनकी धुन पर युवक-युवतियां जमकर थिरक रहे थे। रथयात्रा का संचालन पंकज पांडेय (छोटे मुन्ना) ने किया। इस दौरान महिलाओं का गीत, उड़ीसा जगन्नाथपुरी में ठाकुर जी तुम भले विराज्यो जी खास आकर्षण रहा।
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भीतरगांव। रथयात्रा के स्वागत के लिए गांव की गलियों में आलेखन (रंगोली) सजाई गई थी। जगह-जगह स्टाल लगाकर शीतल जल, शर्बत और प्रसाद का वितरण किया गया। गलियों में बंदनवार और झालरें सजाने के साथ पीले रंग के झंडे लहरा रहे थे वहीं, स्वागत द्वार भी बनाए गए थे। वहीं, गांव के मुस्लिम भाइयों ने भी रथयात्रा का बढ़-चढ़कर स्वागत किया। घरों के सामने रथयात्रा का स्वागत लिखकर उत्साह बढ़ाया और भीड़ में शामिल लोगों को शीतल जल भी पिलाया।
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