{"_id":"59e111f94f1c1bb6678b5a9d","slug":"life-imprisonment-for-dowry-murder","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:50 AM IST
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित एडीजे प्रथम की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति और सास-ससुर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अदालत ने पति को आजीवन कारावास और सास-ससुर को सात साल के कारावास की सजा सुनाई।
एडीजे प्रथम के एडीजीसी विक्रम सिंह सेंगर के मुताबिक काशीपुर गांव की राजकुमारी पत्नी बेचेलाल ने पुलिस को बताया था कि 20 जून 2009 को उसने पुत्री रचना की शादी सिकंदरा थाना क्षेत्र के रतापुर गांव निवासी संजय पुत्र दयाराम से की थी। उसने विवाह में क्षमता के अनुरूप दान-दहेज दिया था।
विवाह के कुछ माह बाद ही पति और ससुराल के अन्य लोगों ने दहेज में बाइक व सोने की चेन की मांग कर पुत्री को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मांग पूरी न होने पर 29 अगस्त को पति और ससुराल पक्ष ने मिट्टी का तेल डालकर उनकी पुत्री को जलाकर मार दिया। घटना की सूचना पर वह अपने भाई के साथ 30 अगस्त 2014 को पहुंची तो पुत्री गंभीर अवस्था में घर के दरवाजे पर पड़ी मिली। उसने पुत्री को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वादिनी ने मृतका के पति संजय, ससुर दयाराम और सास राम जानकी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम तेज बहादुर सिंह ने संजय को आजीवन कारावास, दयाराम व रामजानकी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट से तीनों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीजे प्रथम के एडीजीसी विक्रम सिंह सेंगर के मुताबिक काशीपुर गांव की राजकुमारी पत्नी बेचेलाल ने पुलिस को बताया था कि 20 जून 2009 को उसने पुत्री रचना की शादी सिकंदरा थाना क्षेत्र के रतापुर गांव निवासी संजय पुत्र दयाराम से की थी। उसने विवाह में क्षमता के अनुरूप दान-दहेज दिया था।
विज्ञापन
विवाह के कुछ माह बाद ही पति और ससुराल के अन्य लोगों ने दहेज में बाइक व सोने की चेन की मांग कर पुत्री को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मांग पूरी न होने पर 29 अगस्त को पति और ससुराल पक्ष ने मिट्टी का तेल डालकर उनकी पुत्री को जलाकर मार दिया। घटना की सूचना पर वह अपने भाई के साथ 30 अगस्त 2014 को पहुंची तो पुत्री गंभीर अवस्था में घर के दरवाजे पर पड़ी मिली। उसने पुत्री को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वादिनी ने मृतका के पति संजय, ससुर दयाराम और सास राम जानकी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम तेज बहादुर सिंह ने संजय को आजीवन कारावास, दयाराम व रामजानकी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट से तीनों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन