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लल्ला, जीत की बधाई हो...
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:13 AM IST
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बध्ााइऱ्ई दी
- फोटो : अमर उजाला
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भारत के राष्ट्रपति बनते ही रामनाथ कोविंद ने मां जैसा प्यार देने वाली भाभी विद्यावती को गुरुवार की रात नौ बजे फोन किया। उनका फोन आते ही भाभी विद्यावती ने कहा कि लल्ला, जीत की बधाई हो। इस पर कोविंद ने कहा कि अम्मा, आज भइया (शिवबालक) की कमी खल रही है, यह कहते हुए वो भावुक हो गए। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे का हालचाल पूछा।
बचपन में ही मां की मौत के बाद रामनाथ कोविंद को भाभी विद्यावती ने कभी मां की कमी महसूस नहीं होने दी। उनके पालन पोषण के दौरान अपने बेटे जैसा प्यार दिया। वह भी भाभी को अम्मा कहकर बुलाते हैं। गुरुवार को पूरे देश की निगाहें नव निर्वाचित राष्ट्रपति की ओर थी। देश की बड़ी हस्तियां दिल्ली में उनसे मिलकर बधाई दे रहीं थी। इसी बीच उन्हें भाभी (अम्मा) की याद आ गई।
भतीजी हेमलता ने बताया कि देर शाम चाचा का फोन आया था, उन्होंने अम्मा से बात की। बातचीत के दौरान वह अपने बड़े भाई स्वर्गीय शिवबालक को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा आज वह होते तो परिवार में यह खुशी कई और गुना बढ़ जाती। बताया कि चाचा अपने बड़े भाई शिवबालक बेहद स्नेह करते थे। इसकी वजह थी कि जब भी चाचा उदास या परेशान होते थे। तब उन्हें पापा ही उनका साहस व मनोबल बढ़ाकर आगे बढ़ने की प्रेरित करते थे।
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राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए उनके परिवार के लोग दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 23 जुलाई को ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सूत्रों की मानें तो इसके लिए ट्रेन के टिकट बुक करा लिए गए हैं। नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की जीत की खुशी तो जिले के हर शख्स को है पर उसके पैतृक गांव परौंख का माहौल अन्य गांवों से कुछ हटकर है। गांववाले शपथ ग्रहण समारोह में बुलावे का इंतजार में हैं। फिलहाल गांव के लोग उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, अब तक किसी का बुलावा नहीं आया है।
उम्मीद जताई जा रही है परौंख करीब आधा दर्जन लोग शपथ ग्रहण में शामिल होने जा सकते हैं। वही, शुक्रवार को बुजुर्ग उनके बचपन की यादों को लेकर चर्चाएं कर रहे हैं। वहीं नवयुवकों में गांव का राष्ट्रपति चुने जाने पर गर्व है। अब सबकी निगाहें 25 जुलाई को होने वाले शपथ ग्रहण में लगी हुई हैं। वहीं, उनके साथ दिल्ली में मौजूद भाई रामस्वरुप को बधाई दे रहे हैं। ग्राम प्रधान पति बलवान सिंह की मानें तो राष्ट्रपति के बड़े भाई रामस्वरूप ने गांव के कई लोगों को बुलाने के संकेत दिए हैं। अभी किसी का नाम स्पष्ट नहीं है। इसके साथ ही जिले में अकबरपुर, झींझक, पुखरायां, मूसानगर, रसूलाबाद आदि क्षेत्रों के करीबी लोग शपथ ग्रहण में बुलावा आने का इंतजार कर रहे हैं।
कस्बा में राष्ट्रपति पद पर रामनाथ कोविंद की जीत के जश्न का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। उनके भाई के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। दोस्त, रिश्तेदार और आस-पड़ोस के गांव के जानने वाले बधाई देने के लिए पहुंचे। सभी ने परिवार के सदस्यों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। वहीं, गुरुवार रात को कस्बे में दीवाली जैसा माहौल रहा। लोगों ने खुशी में मोमबत्तियां जलाकर पूरे मोहल्ले रोशन किया और आतिशबाजी की। इधर, भाजपाइयों ने भी कस्बे में मिठाई बांटकर खुशी जताई।
शुक्रवार सुबह होते ही झींझक के ओमनगर स्थित रामनाथ कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। आस-पड़ोस के लोगों के साथ ही जितेंद्र सिंह गौर, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर, मोनू बजाज, धनंजय मिश्रा, रवि राजपूत, अनुज चौरसिया, रोहित शुक्ला, दीपक गुप्ता, नीरज, टिल्लू पाल, शैलू सिंह, वसीम खान, शानू खान समेत रिश्तेदार और दोस्त भी मिठाई लेकर पहुंच गए।
सभी ने भाई प्यारेलाल, भाभी विधावती, भतीजी हेमलता, भतीजे दीपक और पंकज को मुंह मीठा कराया। गांववालों ने बधाई गीत गाने के साथ ही परिवार वालों के साथ मिलकर ठुमके भी लगाए। परिवार वाले भी खुद को रोक नहीं सके और ग्रामीणों के साथ मिलकर खूब डांस किया। वहीं, कस्बे में गुरुवार को दीवाली सा नजारा देखने को मिला। मोहल्लेवालों ने रात में मोमबत्ती जलाकर मुहल्ले को रोशन किया।
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बचपन में ही मां की मौत के बाद रामनाथ कोविंद को भाभी विद्यावती ने कभी मां की कमी महसूस नहीं होने दी। उनके पालन पोषण के दौरान अपने बेटे जैसा प्यार दिया। वह भी भाभी को अम्मा कहकर बुलाते हैं। गुरुवार को पूरे देश की निगाहें नव निर्वाचित राष्ट्रपति की ओर थी। देश की बड़ी हस्तियां दिल्ली में उनसे मिलकर बधाई दे रहीं थी। इसी बीच उन्हें भाभी (अम्मा) की याद आ गई।
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भतीजी हेमलता ने बताया कि देर शाम चाचा का फोन आया था, उन्होंने अम्मा से बात की। बातचीत के दौरान वह अपने बड़े भाई स्वर्गीय शिवबालक को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा आज वह होते तो परिवार में यह खुशी कई और गुना बढ़ जाती। बताया कि चाचा अपने बड़े भाई शिवबालक बेहद स्नेह करते थे। इसकी वजह थी कि जब भी चाचा उदास या परेशान होते थे। तब उन्हें पापा ही उनका साहस व मनोबल बढ़ाकर आगे बढ़ने की प्रेरित करते थे।
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राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए उनके परिवार के लोग दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 23 जुलाई को ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सूत्रों की मानें तो इसके लिए ट्रेन के टिकट बुक करा लिए गए हैं। नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की जीत की खुशी तो जिले के हर शख्स को है पर उसके पैतृक गांव परौंख का माहौल अन्य गांवों से कुछ हटकर है। गांववाले शपथ ग्रहण समारोह में बुलावे का इंतजार में हैं। फिलहाल गांव के लोग उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, अब तक किसी का बुलावा नहीं आया है।
उम्मीद जताई जा रही है परौंख करीब आधा दर्जन लोग शपथ ग्रहण में शामिल होने जा सकते हैं। वही, शुक्रवार को बुजुर्ग उनके बचपन की यादों को लेकर चर्चाएं कर रहे हैं। वहीं नवयुवकों में गांव का राष्ट्रपति चुने जाने पर गर्व है। अब सबकी निगाहें 25 जुलाई को होने वाले शपथ ग्रहण में लगी हुई हैं। वहीं, उनके साथ दिल्ली में मौजूद भाई रामस्वरुप को बधाई दे रहे हैं। ग्राम प्रधान पति बलवान सिंह की मानें तो राष्ट्रपति के बड़े भाई रामस्वरूप ने गांव के कई लोगों को बुलाने के संकेत दिए हैं। अभी किसी का नाम स्पष्ट नहीं है। इसके साथ ही जिले में अकबरपुर, झींझक, पुखरायां, मूसानगर, रसूलाबाद आदि क्षेत्रों के करीबी लोग शपथ ग्रहण में बुलावा आने का इंतजार कर रहे हैं।
कस्बा में राष्ट्रपति पद पर रामनाथ कोविंद की जीत के जश्न का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। उनके भाई के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। दोस्त, रिश्तेदार और आस-पड़ोस के गांव के जानने वाले बधाई देने के लिए पहुंचे। सभी ने परिवार के सदस्यों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। वहीं, गुरुवार रात को कस्बे में दीवाली जैसा माहौल रहा। लोगों ने खुशी में मोमबत्तियां जलाकर पूरे मोहल्ले रोशन किया और आतिशबाजी की। इधर, भाजपाइयों ने भी कस्बे में मिठाई बांटकर खुशी जताई।
शुक्रवार सुबह होते ही झींझक के ओमनगर स्थित रामनाथ कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। आस-पड़ोस के लोगों के साथ ही जितेंद्र सिंह गौर, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर, मोनू बजाज, धनंजय मिश्रा, रवि राजपूत, अनुज चौरसिया, रोहित शुक्ला, दीपक गुप्ता, नीरज, टिल्लू पाल, शैलू सिंह, वसीम खान, शानू खान समेत रिश्तेदार और दोस्त भी मिठाई लेकर पहुंच गए।
सभी ने भाई प्यारेलाल, भाभी विधावती, भतीजी हेमलता, भतीजे दीपक और पंकज को मुंह मीठा कराया। गांववालों ने बधाई गीत गाने के साथ ही परिवार वालों के साथ मिलकर ठुमके भी लगाए। परिवार वाले भी खुद को रोक नहीं सके और ग्रामीणों के साथ मिलकर खूब डांस किया। वहीं, कस्बे में गुरुवार को दीवाली सा नजारा देखने को मिला। मोहल्लेवालों ने रात में मोमबत्ती जलाकर मुहल्ले को रोशन किया।