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नहर में खांदी कटने से खरीफ की फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:04 AM IST
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नहर पटरी कटने के बाद खेतों में भरा पानी और बर्बाद हुई फसल।
भीतरगांव। विकास खंड के असवानगर गांव के पास बीते चार दिन पहले रामगंगा नहर की पटरी कट गई। खेतों में पानी भर जाने से खरीफ की खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों की सूचना के बाद नहर विभाग ने तीन दिन बाद जेसीबी मंगवाकर नहर पटरी बंधवाई।
बीते बुधवार को साढ़ इलाके के असवानगर गांव के पास रामगंगा नहर की पटरी कट गई। पानी का बहाव तेज होने से सैकड़ों बीघे खेत जलमग्न हो गए। असवानगर गांव के प्रधान कुलदीप यादव ने बताया कि नहर का पानी असवानगर और रातेपुर गांवों के खेतों में भर जाने से उनमें खड़ी खरीफ की फसलों ज्वार-बाजरा, तिली, उड़द, मूंग, अरहर और मक्का आदि को नुकसान पहुंचा है।
बताया कि अधिक पानी भर जाने से तिली-उड़द के पौधे सड़ गए हैं। वहीं, नहर विभाग के जेई धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मजदूरों और जेसीबी की मदद से नहर पटरी पर कटी खांदी को बंधवाकर पानी का बहाव रोक दिया गया है। बताया कि खरीफ की ज्वार-बाजरा और तिली-उड़द की फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
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बीते बुधवार को साढ़ इलाके के असवानगर गांव के पास रामगंगा नहर की पटरी कट गई। पानी का बहाव तेज होने से सैकड़ों बीघे खेत जलमग्न हो गए। असवानगर गांव के प्रधान कुलदीप यादव ने बताया कि नहर का पानी असवानगर और रातेपुर गांवों के खेतों में भर जाने से उनमें खड़ी खरीफ की फसलों ज्वार-बाजरा, तिली, उड़द, मूंग, अरहर और मक्का आदि को नुकसान पहुंचा है।
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बताया कि अधिक पानी भर जाने से तिली-उड़द के पौधे सड़ गए हैं। वहीं, नहर विभाग के जेई धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मजदूरों और जेसीबी की मदद से नहर पटरी पर कटी खांदी को बंधवाकर पानी का बहाव रोक दिया गया है। बताया कि खरीफ की ज्वार-बाजरा और तिली-उड़द की फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
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