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स्थायी रूप से खांदी बना पानी की बर्बादी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 02:21 AM IST
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शिवली रजबहा में कुलाबा हटाकर चलाई जा रही खांदी।
- फोटो : अमर उजाला
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शिवली रजबहा में ग्रामीणों के कई जगहों पर कुलावा गायब करने से पानी बहकर बर्बाद होता रहता है। सबसे ज्यादा खामियाजा उन किसानों को उठाना पड़ता है, जिनके खेत खांदी के आसपास हैं। सिंचाई विभाग, ग्रामीणों की इस तरह की हरकतों को रोकने में बेबस साबित हो रहा है।
शिवली बंबा में एक दर्जन जगहों पर कुलावा गायब होने के बाद खांदी से सिंचाई का काम हो रहा है। जिससे बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होकर नदी नालों में चला जाता है। साथ ही खांदी के आसपास के खेतों में किसान फसल नहीं बो पाते हैं।
किसानों ने बताया कि धान की फसल किसी तरह हो जाती है। इसके बाद खेतों में पानी ही भरा रहता है। कोई किसान यह स्वीकार नहीं करता है कि यह खांदी उसने की है। कई किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग देखरेख नहीं करता है। कुलावा गायब हो जाते हैं। सिंचाई विभाग के एई नवीन तिवारी ने बताया कि कुलावा गायब करने व खांदी काटने को रोक पाना आसान काम नहीं है।
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शिवली बंबा में एक दर्जन जगहों पर कुलावा गायब होने के बाद खांदी से सिंचाई का काम हो रहा है। जिससे बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होकर नदी नालों में चला जाता है। साथ ही खांदी के आसपास के खेतों में किसान फसल नहीं बो पाते हैं।
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किसानों ने बताया कि धान की फसल किसी तरह हो जाती है। इसके बाद खेतों में पानी ही भरा रहता है। कोई किसान यह स्वीकार नहीं करता है कि यह खांदी उसने की है। कई किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग देखरेख नहीं करता है। कुलावा गायब हो जाते हैं। सिंचाई विभाग के एई नवीन तिवारी ने बताया कि कुलावा गायब करने व खांदी काटने को रोक पाना आसान काम नहीं है।
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