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शहीद धर्मेंद्र की अंत्येष्टि, उमड़ा जनसमूह
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kanpur dehat accident
- फोटो : GHATAMPUR
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घाटमपुर/पतारा (कानपुर)। लद्दाख की कारगिल चौकी में हिमस्खलन के दौरान शहीद हुए धर्मेंद्र सिंह उर्फ बब्लू का शव रविवार की सुबह सेना के विशेष वाहन से उसके पैतृक गांव बिराहिनपुर (बलहापारा) पहुंचा। शहीद का शव आने की सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। तमाम गांवों के लोगबिराहिनपुर गांव पहुंच गए। शहीद की अंतिम यात्रा निकली तो महिला और पुरुषों ने अपने घरों की छत पर खड़े होकर शहीद को अंतिम दर्शन किए। शहीद के बड़े बेटे उत्कर्ष सिंह ने अपने ताऊ अर्जुन सिंह के साथ मिलकर पिता को मुखाग्नि दी।
धर्मेंद्र सिंह की मौत गुरुवार को लद्दाख की कारगिल चौकी में हिमस्खलन के दौरान हुई थी। सैनिक के परिजन, गांव के लोग और पुलिस व प्रशासनिक उसके शव के आने का इंतजार कर रहे थे। खराब मौसम के चलते शव रविवार की सुबह बिराहिनपुर गांव आया। शव को सैनिक के मकान के बाहर मैदान में लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। वहां पहुंचकर पड़ोसी गांव तेजपुर, बलहापारा, किवड़िया, धौंकलपुर, रतनपुर, तिलसड़ा, कठेठा, बरौली, भदरस, रंजीतपुर, बैजूपुर, राहा, जलाला, जहांगीराबाद, पतारा और घाटमपुर कस्बा समेत कई जगह के लोगों ने शहीद धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बुजुर्ग हो या महिला अथवा बच्चा हर किसी की आंख नम दिखी।
क्षेत्रीय विधायक एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, सपा नेता विजय सचान के साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वीरेंद्र पांडेय, एसडीएम वरुण कुमार पांडेय, एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह, सीओ रवि कुमार सिंह और घाटमपुर थाना प्रभारी ज्ञान सिंह ने शहीद को अंतिम विदाई दी। इसके बाद शव को अंत्येष्टि स्थल के लिए रवाना किया गया, तो जब तक सूरज-चांद रहेगा, धर्मेंद्र सिंह तेरा नाम रहेगा के नारों से गूंज उठा। शव को रतनपुर-किवड़िया मार्ग के किनारे स्थित शहीद के अपने खेतों के पास ही सजाई गई चिता के पास ले जाया गया। वहां पर पहले से ही भारी जनसैलाब मौजूद था। सेना की टुकड़ी और अधिकारियों ने शव पर पुष्पमाला अर्पित करने के साथ ही अंतिम सलामी दी।
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धर्मेंद्र सिंह की मौत गुरुवार को लद्दाख की कारगिल चौकी में हिमस्खलन के दौरान हुई थी। सैनिक के परिजन, गांव के लोग और पुलिस व प्रशासनिक उसके शव के आने का इंतजार कर रहे थे। खराब मौसम के चलते शव रविवार की सुबह बिराहिनपुर गांव आया। शव को सैनिक के मकान के बाहर मैदान में लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। वहां पहुंचकर पड़ोसी गांव तेजपुर, बलहापारा, किवड़िया, धौंकलपुर, रतनपुर, तिलसड़ा, कठेठा, बरौली, भदरस, रंजीतपुर, बैजूपुर, राहा, जलाला, जहांगीराबाद, पतारा और घाटमपुर कस्बा समेत कई जगह के लोगों ने शहीद धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बुजुर्ग हो या महिला अथवा बच्चा हर किसी की आंख नम दिखी।
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क्षेत्रीय विधायक एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, सपा नेता विजय सचान के साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वीरेंद्र पांडेय, एसडीएम वरुण कुमार पांडेय, एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह, सीओ रवि कुमार सिंह और घाटमपुर थाना प्रभारी ज्ञान सिंह ने शहीद को अंतिम विदाई दी। इसके बाद शव को अंत्येष्टि स्थल के लिए रवाना किया गया, तो जब तक सूरज-चांद रहेगा, धर्मेंद्र सिंह तेरा नाम रहेगा के नारों से गूंज उठा। शव को रतनपुर-किवड़िया मार्ग के किनारे स्थित शहीद के अपने खेतों के पास ही सजाई गई चिता के पास ले जाया गया। वहां पर पहले से ही भारी जनसैलाब मौजूद था। सेना की टुकड़ी और अधिकारियों ने शव पर पुष्पमाला अर्पित करने के साथ ही अंतिम सलामी दी।
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