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कब्रिस्तान में बने अवैध कब्जे ढहाए
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:28 AM IST
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एसडीएम कार्यालय पर हंगामा करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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रसूलाबाद के उसरी गांव स्थित कब्रिस्तान पर बने अवैध कब्जे हंगामे के बाद मंगलवार को ढहा दिए गए। वहीं, तय वक्त पर कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पर हंगामा किया। इससे खफा एसडीएम ने ग्रामीणों को कार्रवाई की चेतावनी दी। बाद में सीओ ने दखल देकर हंगामा शांत कराया।
उसरी गांव निवासी रामनरेश चक की बेटी की आठ दिन पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उसे पास के ही कब्रिस्तान में शव दफना दिया। इस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन पर अपना दावा कर हंगामा किया।
इससे माहौल बिगड़ते बचा। बाद में एसडीएम ने पैमाइश कराकर शव को दूसरी जगह दफन कर दिया था। इससे किशोरी के परिजन खफा थे। उन्होंने तहसील दिवस में हंगामा करते हुए कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध निर्माण होने की शिकायत की थी। मामले में बीते शुक्रवार को एक बार फिर पुलिस की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश हुई तो कासिम अली, सत्तार अली, बच्चन, लाली, पुत्तन खां, श्रीमोहन, जयराम व त्रिभुवन के मकान अवैध रूप से बने मिले। एसडीएम ने नोटिस जारी कर 24 जुलाई तक कब्जा खाली करने का निर्देश दिया। इसके बाद भी कब्जेदारों ने जगह नहीं छोड़ी। न ही प्रशासन ने कोई कार्रवाई की। इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को हंगामा किया तो प्रशासन की नींद टूटी। इसके बाद आनन-फानन अवैध कब्जों को ढहा दिया गया। हंगामेे की आशंका के चलते भारी फोर्स मौजूद रही।
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उसरी गांव निवासी रामनरेश चक की बेटी की आठ दिन पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उसे पास के ही कब्रिस्तान में शव दफना दिया। इस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन पर अपना दावा कर हंगामा किया।
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इससे माहौल बिगड़ते बचा। बाद में एसडीएम ने पैमाइश कराकर शव को दूसरी जगह दफन कर दिया था। इससे किशोरी के परिजन खफा थे। उन्होंने तहसील दिवस में हंगामा करते हुए कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध निर्माण होने की शिकायत की थी। मामले में बीते शुक्रवार को एक बार फिर पुलिस की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश हुई तो कासिम अली, सत्तार अली, बच्चन, लाली, पुत्तन खां, श्रीमोहन, जयराम व त्रिभुवन के मकान अवैध रूप से बने मिले। एसडीएम ने नोटिस जारी कर 24 जुलाई तक कब्जा खाली करने का निर्देश दिया। इसके बाद भी कब्जेदारों ने जगह नहीं छोड़ी। न ही प्रशासन ने कोई कार्रवाई की। इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को हंगामा किया तो प्रशासन की नींद टूटी। इसके बाद आनन-फानन अवैध कब्जों को ढहा दिया गया। हंगामेे की आशंका के चलते भारी फोर्स मौजूद रही।
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