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शिवमंदिरों में लगे हर-हर महादेव के जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:43 AM IST
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शिवली के प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करते भक्तगण।
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सावन के पहले सोमवार पर शिवमंदिरों व शिवालयों में बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक करने के लिए भक्तों की सुबह से लाइनें लगी रहीं। भक्तों ने बेलपत्र, धतूरा, अकौड़ा के फूल, चावल, दूध चढ़ा भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान भक्तों ने भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए उनसे मनोकामनाएं मांगी।
सावन के पहले सोमवार पर अकबरपुर के शुक्ल तालाब, कालिका देवी मंदिर, त्रियंबकेश्वर, मंगलेश्वर, पुरानी तहसील के शिव मंदिर, झाड़ी बाबा, बनीपारा महाराज, कपालेश्वर, किशरवल के पातालेश्वर, भुगनियापुर शिवमंदिर, शिवली स्थित प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर सहित अन्य शिव मंदिर में पूजन-अर्चन के लिए भक्तों का सुबह से ही तांता लगा रहा। भक्तगणों के बोल बम के जयकारों से मंदिर गूंजते रहे।
शिवली प्रतिनिधि के अनुसार सावन के सोमवार पर चारों तरफ शिव मंदिरों में जयकारों की गूंज रही। घरों मे लोगों ने उपवास भी रखा। कई जगह रुद्राभिषेक हुआ। सरवनखेड़ा प्रतिनिधि के अनुसार सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। ओम नम: शिवाय के जाप दिन भर चला। जसवापुर गांव स्थित महादेव मंदिर, गजनेर के कालेश्वर मंदिर, सैंथा गांव स्थित भड़ेश्वर मंदिर, सरवनखेड़ा स्थित शिव मंदिर, जिठरौली स्थित शिव मंदिर में पूरे दिन मेले जैसा माहौल रहा।
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रसूलाबाद प्रतिनिधि के अनुसार धर्मगढ़ बाबा मंदिर में तड़के से लेकर देर रात तक शिवभक्तों का आना-जाना लगा रहा। ऋषि आश्रम में वेद मंत्रोच्चार के साथ पूजन अर्चन किया गया। कहिंजरी के महाकालेश्वर मंदिर में आरती उतारी गई। भक्ति गीत सुनाकर भोले बाबा को खुश करने के लिए पूजा-पाठ चलता रहा। तृप्ति दीक्षित ने रुद्राभिषेक किया। महंत नरेश चंद्र ने बताया कि यहां शिव की प्रतिमा दिन में दो बार रंग बदलती है। जो सच्चे मन से माथा टेकता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है।
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सावन के पहले सोमवार पर अकबरपुर के शुक्ल तालाब, कालिका देवी मंदिर, त्रियंबकेश्वर, मंगलेश्वर, पुरानी तहसील के शिव मंदिर, झाड़ी बाबा, बनीपारा महाराज, कपालेश्वर, किशरवल के पातालेश्वर, भुगनियापुर शिवमंदिर, शिवली स्थित प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर सहित अन्य शिव मंदिर में पूजन-अर्चन के लिए भक्तों का सुबह से ही तांता लगा रहा। भक्तगणों के बोल बम के जयकारों से मंदिर गूंजते रहे।
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शिवली प्रतिनिधि के अनुसार सावन के सोमवार पर चारों तरफ शिव मंदिरों में जयकारों की गूंज रही। घरों मे लोगों ने उपवास भी रखा। कई जगह रुद्राभिषेक हुआ। सरवनखेड़ा प्रतिनिधि के अनुसार सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। ओम नम: शिवाय के जाप दिन भर चला। जसवापुर गांव स्थित महादेव मंदिर, गजनेर के कालेश्वर मंदिर, सैंथा गांव स्थित भड़ेश्वर मंदिर, सरवनखेड़ा स्थित शिव मंदिर, जिठरौली स्थित शिव मंदिर में पूरे दिन मेले जैसा माहौल रहा।
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रसूलाबाद प्रतिनिधि के अनुसार धर्मगढ़ बाबा मंदिर में तड़के से लेकर देर रात तक शिवभक्तों का आना-जाना लगा रहा। ऋषि आश्रम में वेद मंत्रोच्चार के साथ पूजन अर्चन किया गया। कहिंजरी के महाकालेश्वर मंदिर में आरती उतारी गई। भक्ति गीत सुनाकर भोले बाबा को खुश करने के लिए पूजा-पाठ चलता रहा। तृप्ति दीक्षित ने रुद्राभिषेक किया। महंत नरेश चंद्र ने बताया कि यहां शिव की प्रतिमा दिन में दो बार रंग बदलती है। जो सच्चे मन से माथा टेकता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है।