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आंधी में कई जगहों पर खेतों में लगी आग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 May 2018 01:01 AM IST
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बौहार गांव में नलकूप के पास देर शाम लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गुरुवार की शाम आई तेज आंधी से कई गांवों में खेतों और कूड़े के ढेरों में आग लगने की घटनाएं हुईं। आग की सूचनाएं मिलने पर दमकल कर्मचारी इधर से उधर चकरघिन्नी बने घूमते रहे। सजेती, बरीपाल, नौरंगा, साढ़, रेउना, पतारा, भीतरगांव और नवेड़ी इलाकों में खेतों में आग लगने की सूचनाएं देर शाम तक मिलती रहीं।
अग्निशमन अधिकारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि अधिकांश स्थानों पर किसानों द्वारा खेतों पर जलाए गए फसलों के अवशेषों से आग लगी। उन्होंने बताया कि खेतों पर फसलों के अवशेष जलाने पर रोक के बावजूद किसान मानने को तैयार नहीं है। बताया कि शाम होते वह खेतों पर आग लगा देते हैं जो कई-कई घंटे सुलगती रहती है और आंधी आने पर दूर-दूर तक फैलती है। गांव अथवा बस्ती के निकट पहुंचने और घरों में आग लगने के डर से लोग दमकल को सूचना देते हैं।
भीतरगांव समाचार प्रतिनिधि के अनुसार गुरुवार को विकास खंड के बौहार, दौलतपुर, गोपालपुर, अमौर, असवानगर और विजानखेड़ा सहित कई स्थानों पर खेतों में आग लगने की घटनाएं हुईं। अधिकांश घटनाएं खेतों पर फसलों के अवशेष (पराली) जलाने से हुईं। बौहार गांव में राकेश वर्मा के केतों पर लगे नलकूप के पास आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। जिसे काफी मशक्कत के बाद बुझाया गया।
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अग्निशमन अधिकारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि अधिकांश स्थानों पर किसानों द्वारा खेतों पर जलाए गए फसलों के अवशेषों से आग लगी। उन्होंने बताया कि खेतों पर फसलों के अवशेष जलाने पर रोक के बावजूद किसान मानने को तैयार नहीं है। बताया कि शाम होते वह खेतों पर आग लगा देते हैं जो कई-कई घंटे सुलगती रहती है और आंधी आने पर दूर-दूर तक फैलती है। गांव अथवा बस्ती के निकट पहुंचने और घरों में आग लगने के डर से लोग दमकल को सूचना देते हैं।
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भीतरगांव समाचार प्रतिनिधि के अनुसार गुरुवार को विकास खंड के बौहार, दौलतपुर, गोपालपुर, अमौर, असवानगर और विजानखेड़ा सहित कई स्थानों पर खेतों में आग लगने की घटनाएं हुईं। अधिकांश घटनाएं खेतों पर फसलों के अवशेष (पराली) जलाने से हुईं। बौहार गांव में राकेश वर्मा के केतों पर लगे नलकूप के पास आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। जिसे काफी मशक्कत के बाद बुझाया गया।
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