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कार की टक्कर से बाइकसवार किसान की मौत, तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:15 AM IST
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पत्थर डालकर जाम लगाए ग्रामीण
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क्षेत्र के मरियानी गांव में सोमवार की शाम खेत से बाइक से घर लौट रहे किसान को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। सूचना पर थाना पुलिस ने घायल किसान को अस्पताल पहुंचाने की बजाय दुर्घटना करने वाली कार में सवार लोगों को आनन-फानन घटनास्थल से हटाकर थाने पहुंचाया।
परिजन जब तक घायल किसान हो अस्पताल लेकर गए रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना को लेकर आक्रोशित लोगों ने शव को जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। बवाल बढ़ता देख एसपी ग्रामीण, सीओ बिल्हौर सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस को भी कई बार खदेड़ा। लगभग चार घंटे तक चले बवाल के बाद घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम व पुलिस उच्चाधिकारियों द्वारा मृतक परिजनों को समझाने के बाद उत्तेजित लोग शांत हो सके। जिसके बाद शव को जीटी रोड से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मरियानी गांव निवासी गिरीश चंद्र दीक्षित (50) किसान थे। परिवार में पत्नी उमा के अलावा चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बताया गया है कि सोमवार अपराहन गिरीश चंद्र काशीनाथ पुरवा गांव स्थित अपने खेतों बाइक से गए थे। जहां से करीब तीन बजे काशीनाथ पुरवा गांव निवासी सरवन (40) के साथ बाइक द्वारा घर लौट रहे थे। तभी गांव के सामने जीटी रोड पार करने के दौरान कानपुर की ओर से आ रही एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई।
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दुर्घटना देख आसपास के लोग मौके पर आ गए। इस दौरान सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने सड़क पर पड़े घायलों को अस्पताल पहुंचाने की बजाय दुर्घटना करने वाली कार और उसमें सवार लोगों को आनन-फानन मौके से हटा थाने पहुंचा दिया।
जानकारी पाकर घटनास्थल पहुंचे परिजन घायलों को लेकर मंधना स्थित एक निजी अस्पताल गए, जहां डाक्टरों ने गिरीश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना करने वाली कार में पुलिस का सिंबल बना हुआ था, बवाल बढ़ते देख निकट बिठूर, शिवराजपुर, बिल्हौर, ककवन थानों की पुलिस के अलावा रिजर्व पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया।
कुछ ही देर में एसपी ग्रामीण राजेश कुमार, सीओ बिल्हौर मुकेश प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे गए, लेकिन मृतक के परिजन डीएम को मौके पर बुलाए जाने और दुर्घटना के समय मौके पर पहुंची पुलिस के विरुद्ध तत्काल कार्यवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच आक्रोशित लोगों ने दिल्ली से कानपुर जा रही बुलंदशहर डिपो की एक बस समेत दर्जन भर अन्य वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की, जाम के दौरान निकलने का प्रयास कर रहे एक सपा सांसद कार पर भी ग्रामीणों ने हमला करना चाहा, लेकिन पुलिस ने किसी तरह कार को घेरे में उसे वापस करा दिया।
लगभग चार घंटे तक चले हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम आलोक कुमार व पुलिस उच्चाधिकारियों मुआवजा दिलवाने के आश्वासन दिए जाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। सीओ मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जीटी रोड पर जाम लगाया है, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया है, परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा।
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परिजन जब तक घायल किसान हो अस्पताल लेकर गए रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना को लेकर आक्रोशित लोगों ने शव को जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। बवाल बढ़ता देख एसपी ग्रामीण, सीओ बिल्हौर सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस को भी कई बार खदेड़ा। लगभग चार घंटे तक चले बवाल के बाद घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम व पुलिस उच्चाधिकारियों द्वारा मृतक परिजनों को समझाने के बाद उत्तेजित लोग शांत हो सके। जिसके बाद शव को जीटी रोड से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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मरियानी गांव निवासी गिरीश चंद्र दीक्षित (50) किसान थे। परिवार में पत्नी उमा के अलावा चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बताया गया है कि सोमवार अपराहन गिरीश चंद्र काशीनाथ पुरवा गांव स्थित अपने खेतों बाइक से गए थे। जहां से करीब तीन बजे काशीनाथ पुरवा गांव निवासी सरवन (40) के साथ बाइक द्वारा घर लौट रहे थे। तभी गांव के सामने जीटी रोड पार करने के दौरान कानपुर की ओर से आ रही एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई।
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दुर्घटना देख आसपास के लोग मौके पर आ गए। इस दौरान सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने सड़क पर पड़े घायलों को अस्पताल पहुंचाने की बजाय दुर्घटना करने वाली कार और उसमें सवार लोगों को आनन-फानन मौके से हटा थाने पहुंचा दिया।
जानकारी पाकर घटनास्थल पहुंचे परिजन घायलों को लेकर मंधना स्थित एक निजी अस्पताल गए, जहां डाक्टरों ने गिरीश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को जीटी रोड पर रखकर जाम लगा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना करने वाली कार में पुलिस का सिंबल बना हुआ था, बवाल बढ़ते देख निकट बिठूर, शिवराजपुर, बिल्हौर, ककवन थानों की पुलिस के अलावा रिजर्व पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया।
कुछ ही देर में एसपी ग्रामीण राजेश कुमार, सीओ बिल्हौर मुकेश प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे गए, लेकिन मृतक के परिजन डीएम को मौके पर बुलाए जाने और दुर्घटना के समय मौके पर पहुंची पुलिस के विरुद्ध तत्काल कार्यवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच आक्रोशित लोगों ने दिल्ली से कानपुर जा रही बुलंदशहर डिपो की एक बस समेत दर्जन भर अन्य वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की, जाम के दौरान निकलने का प्रयास कर रहे एक सपा सांसद कार पर भी ग्रामीणों ने हमला करना चाहा, लेकिन पुलिस ने किसी तरह कार को घेरे में उसे वापस करा दिया।
लगभग चार घंटे तक चले हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम आलोक कुमार व पुलिस उच्चाधिकारियों मुआवजा दिलवाने के आश्वासन दिए जाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। सीओ मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जीटी रोड पर जाम लगाया है, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया है, परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा।