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नम आंखों से आईटीबीपी सैनिक व उसकी पत्नी को दी विदाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:58 AM IST
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माौत
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के घिमऊ गांव निवासी आईटीबीपी सैनिक इंद्रजीत बाथम व उसकी पत्नी पिंकी की आगरा में मार्ग दुर्घटना में मौत के बाद उनका शनिवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अकबरपुर सेंग गंगा घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान आसपास के गांवों के हजारों लोग श्रद्घांजलि देने पहुंचे। इस दौरान सैनिक इंद्रजीत के तीनों भाई रामखिलावन, रूपलाल, विश्वजीत सहित मां शांति देवी व बहन रामजानकी, इंद्रवती आदि का रो-रोकर बुरा हाल रहा है।
दंपति की मौत की सूचना पर आईटीबीपी की एक टुकड़ी भी पीड़ित परिजनों की सांत्वना देने गांव पहुंची और दुखी परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्राम प्रधान गणेश बाजपेई हीरा, मृतक सैनिक इंद्रजीत के दोस्त शिवसत, राघव शुक्ला आदि ने बताया कि दंपति की अंतिम यात्रा में बड़ी तादाद में लोगों ने अंतिम विदाई दी। उधर, जवान बेटे इंद्रजीत व बहू रिंकी की मौत पर शांति देवी रो-रोकर बुरा हाल रहा। वह कई बार बेहोश हो गईं। वहीं, बहन इंद्रावती, रामजानकी भी रक्षाबंधन पर्व को याद कर भाई के दिए नेक-निछावर की बात कह विलाप करती रही। दूसरी ओर दंपति के करीब 10 माह की पुत्री का इलाज भी लगातार जारी है। परिजनों के मुताबिक खुशी के इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार है। नन्हीं खुशी के सिर से एकाएक मां-बाप का साया उठने की बात पर परिजनों के आंखों में बर्बस ही आंसू छलकते दिखे।
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दंपति की मौत की सूचना पर आईटीबीपी की एक टुकड़ी भी पीड़ित परिजनों की सांत्वना देने गांव पहुंची और दुखी परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्राम प्रधान गणेश बाजपेई हीरा, मृतक सैनिक इंद्रजीत के दोस्त शिवसत, राघव शुक्ला आदि ने बताया कि दंपति की अंतिम यात्रा में बड़ी तादाद में लोगों ने अंतिम विदाई दी। उधर, जवान बेटे इंद्रजीत व बहू रिंकी की मौत पर शांति देवी रो-रोकर बुरा हाल रहा। वह कई बार बेहोश हो गईं। वहीं, बहन इंद्रावती, रामजानकी भी रक्षाबंधन पर्व को याद कर भाई के दिए नेक-निछावर की बात कह विलाप करती रही। दूसरी ओर दंपति के करीब 10 माह की पुत्री का इलाज भी लगातार जारी है। परिजनों के मुताबिक खुशी के इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार है। नन्हीं खुशी के सिर से एकाएक मां-बाप का साया उठने की बात पर परिजनों के आंखों में बर्बस ही आंसू छलकते दिखे।
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