{"_id":"59a5c7774f1c1b58738b4626","slug":"fake-notes-printed-gang-detained-three-absconding","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकली नोट छापने वाले गिरोह को दबोचा, तीन गिरफ्तार एक फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकली नोट छापने वाले गिरोह को दबोचा, तीन गिरफ्तार एक फरार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Aug 2017 01:28 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर देहात जिले में नकली नोट छापने वाले गिरोह का मंगलवार को पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। स्वॉट टीम ने रसूलाबाद क्षेत्र की एक दुकान में छापेमारी कर सरगना समेत तीन को धर दबोचा। जबकि, एक की तलाश जारी है। टीम ने मौके से साढ़े बारह लाख रुपये के नकली नोट और उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक एसपी दिनेश पाल सिंह ने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताया कि इंटेलीजेंस से जिले में नकली नोट छापे जाने की सूचना मिल रही थी। खुलासे के लिए स्वॉट टीम को लगाया था। सोमवार की रात स्वॉट टीम प्रभारी संतोष आर्य को रसूलाबाद क्षेत्र के कहिंजरी में एक दुकान में नकली नोट छापे जाने की सूचना मिली। टीम के साथ छापेमारी कर मौके से सरगना गुमानी निवादा के जय प्रताप सिंह, सोज गांव के अश्वनी कुमार और रूरा के सिमरामऊ निवासी राजकुमार तिवारी उर्फ ननहू को गिरफ्तार किया है। जबकि उनके एक साथी कानपुर के कल्याणपुर निवासी रोहित सिंह को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। टीम को मौके से दो हजार और 500 के 12 लाख 30,500 रुपये छपे मिले। इसके अलावा 8 नोट दो हजार और 6 नोट 500 के अधछपे, दो हजार का एक नोट असली, प्रिन्टर/स्कैनर, लैपटॉप, ऐडप्टर पावर केबिल, कैंची, स्केल, डाटा केबिल, इंक, पेपर और 3 मोबाइल बरामद हुए हैं। एसपी ने बताया कि तीनों के खिलाफ नकली करेंसी छापने, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। मामले का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत किया गया है। एडीजी कानपुर जोन ने अविनाश चंद्रा ने टीम को 15,000 और एसपी कानपुर देहात ओर से 5,000 रुपये इनाम दिए जाने की घोषणा की गई है।
जन सेवा केंद्र की आड़ में गोरखधंधा
एसपी ने बताया कि गिरोह का गोरखधंधा दुकान में खुले जन सेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था। जन सेवा केंद्र अश्वनी ने खोल रखा था, जो बीएससी का छात्र है। वह एक राष्ट्रीयकृत बैंक में बैंकमित्र भी है। पूछताछ में अश्वनी ने बताया कि कुछ समय पहले ही जयप्रताप के संपर्क में आया था। जल्दी पैसा वाला बनने की चाहत में वह रात के अंधेरे में नोटों को छपाते थे। जन सेवा केंद्र के कारण किसी को शक तक नहीं होता था।
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चौकी से चंद कदम पर चल रहा था खेल
अश्वनी के जन सेवा केंद्र से सौ मीटर की दूरी पर कहिंजरी पुलिस स्थित है, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं थी। एसपी ने नकली नोट मामले में चौकी पुलिस की संदिग्धता की जांच कराने की बात कही है। कहा कि यदि कोई भी पुलिस वाला इस मामले में दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
कल्याणपुर का रोहित खपाता था नोट
एसपी ने बताया कि कानपुर के कल्याणपुर निवासी रोहित सिंह की गिरफ्तारी न हो पाने से नोट कहां-कहां खपाए गए हैं। इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वे नोट छापकर रोहित तक पहुंचे थे। इसके बाद एक लाख के नोट पर 30 हजार रुपये देता था। नोटों को वह कहां खपा रहा था। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। रोहित के पकड़े जाने के बाद सही जानकारी लग सकेगी।
एक रात में छापते थे लाख रुपये
एसपी ने बताया कि गिरोह के बीते तीन महीनों से सक्रिय होने की बात सामने आई है। सरगना जयप्रताप ने बताया कि अश्वनी के साथ मिलकर एक रात में दो हजार और 500 के एक लाख नोट छाप लेते थे। इसके बाद राजकुमार कानपुर के कल्याणपुर में रोहित तक नकली नोटों की खेप पहुंचा था। वहां से नकली नोटों के बदले में उन्हें 30 हजार रुपये के असली नोट मिल जाते थे। तीन महीनों में वह करीब 90 लाख के नकली नोट छाप चुके हैं। एसपी का कहना है कि तीनों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।
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पुलिस अधीक्षक एसपी दिनेश पाल सिंह ने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताया कि इंटेलीजेंस से जिले में नकली नोट छापे जाने की सूचना मिल रही थी। खुलासे के लिए स्वॉट टीम को लगाया था। सोमवार की रात स्वॉट टीम प्रभारी संतोष आर्य को रसूलाबाद क्षेत्र के कहिंजरी में एक दुकान में नकली नोट छापे जाने की सूचना मिली। टीम के साथ छापेमारी कर मौके से सरगना गुमानी निवादा के जय प्रताप सिंह, सोज गांव के अश्वनी कुमार और रूरा के सिमरामऊ निवासी राजकुमार तिवारी उर्फ ननहू को गिरफ्तार किया है। जबकि उनके एक साथी कानपुर के कल्याणपुर निवासी रोहित सिंह को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। टीम को मौके से दो हजार और 500 के 12 लाख 30,500 रुपये छपे मिले। इसके अलावा 8 नोट दो हजार और 6 नोट 500 के अधछपे, दो हजार का एक नोट असली, प्रिन्टर/स्कैनर, लैपटॉप, ऐडप्टर पावर केबिल, कैंची, स्केल, डाटा केबिल, इंक, पेपर और 3 मोबाइल बरामद हुए हैं। एसपी ने बताया कि तीनों के खिलाफ नकली करेंसी छापने, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। मामले का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत किया गया है। एडीजी कानपुर जोन ने अविनाश चंद्रा ने टीम को 15,000 और एसपी कानपुर देहात ओर से 5,000 रुपये इनाम दिए जाने की घोषणा की गई है।
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जन सेवा केंद्र की आड़ में गोरखधंधा
एसपी ने बताया कि गिरोह का गोरखधंधा दुकान में खुले जन सेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था। जन सेवा केंद्र अश्वनी ने खोल रखा था, जो बीएससी का छात्र है। वह एक राष्ट्रीयकृत बैंक में बैंकमित्र भी है। पूछताछ में अश्वनी ने बताया कि कुछ समय पहले ही जयप्रताप के संपर्क में आया था। जल्दी पैसा वाला बनने की चाहत में वह रात के अंधेरे में नोटों को छपाते थे। जन सेवा केंद्र के कारण किसी को शक तक नहीं होता था।
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चौकी से चंद कदम पर चल रहा था खेल
अश्वनी के जन सेवा केंद्र से सौ मीटर की दूरी पर कहिंजरी पुलिस स्थित है, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं थी। एसपी ने नकली नोट मामले में चौकी पुलिस की संदिग्धता की जांच कराने की बात कही है। कहा कि यदि कोई भी पुलिस वाला इस मामले में दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
कल्याणपुर का रोहित खपाता था नोट
एसपी ने बताया कि कानपुर के कल्याणपुर निवासी रोहित सिंह की गिरफ्तारी न हो पाने से नोट कहां-कहां खपाए गए हैं। इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वे नोट छापकर रोहित तक पहुंचे थे। इसके बाद एक लाख के नोट पर 30 हजार रुपये देता था। नोटों को वह कहां खपा रहा था। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। रोहित के पकड़े जाने के बाद सही जानकारी लग सकेगी।
एक रात में छापते थे लाख रुपये
एसपी ने बताया कि गिरोह के बीते तीन महीनों से सक्रिय होने की बात सामने आई है। सरगना जयप्रताप ने बताया कि अश्वनी के साथ मिलकर एक रात में दो हजार और 500 के एक लाख नोट छाप लेते थे। इसके बाद राजकुमार कानपुर के कल्याणपुर में रोहित तक नकली नोटों की खेप पहुंचा था। वहां से नकली नोटों के बदले में उन्हें 30 हजार रुपये के असली नोट मिल जाते थे। तीन महीनों में वह करीब 90 लाख के नकली नोट छाप चुके हैं। एसपी का कहना है कि तीनों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।