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पृथ्वी जब खुशहाल तभी मिलेगा प्रकृति का दुलार

Sat, 23 Apr 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात Updated Sat, 23 Apr 2016 12:52 AM IST
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Earth only after the joyful caress of nature
जल संचयन के लिए तालाब की खुदाई करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

चौबेपुर (बिल्हौर)। रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून कवि रहीम के द्वारा कही गई इस पंक्ति को जीवन में अपनाने के लिए डब्लूडब्लूएफ इंडिया (विश्व प्रकृति निधि) द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। संस्था द्वारा संचालित नदियों के लिए जीवन, जीवन के लिए नदियां कार्यक्रम के तहत भूमि जल कृषि एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के स्थाई प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्य मानव जीवन में बदलाव ला सकते हैं। संस्था द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस पर शुक्रवार को तहसील के शिवराजपुर विकास खंड क्षेत्र के मुंहपोछा गांव में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को पानी की महत्ता बता जल संचयन के लिए प्रेरित किया गया।

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तहसील क्षेत्र में लगातार गिर रहा जलस्तर भविष्य के लिए खतरा बनता जा रहा है। समय रहते यदि इस ओर ध्यान न दिया गया तो आने वाले दशकों में बूंद-बूंद पानी की समस्या पैदा होगी। कुछ ऐसे ही पेयजल त्रासदी को ध्यान में रख संस्था डब्लूडब्लूएफ इंडिया के द्वारा जल संचयन के लिए शुरू की गई पहल धीरे-धीरे रंग लाने लगी है। संस्था के परियोजना समन्वयक राजेश बाजपेई ने बताया कि वर्ष 2012 से शुरू इस अभियान में कई अन्य संस्थाओं के लोगों ने अपना सहयोग दिया है।
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बताया कि संस्था के द्वारा प्रदेश के छह जिलों बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, कानपुर नगर एवं फतेहपुर में कार्य किए जा रहे हैं। कानपुर नगर में बिल्हौर तहसील क्षेत्र में जल संकट से प्रभावित काकूपुर निहाल, काकूपुर सीताराम, दाहरुद्रपुर, मुंहपोछा एवं हरनू गांव चयनित हुए हैं। जहां वर्षों जल के संचयन के लिए तालाब और पोखरों की सफाई एवं खुदाई का काम किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों के खेतों में भी वाटर हारवेस्टिंग प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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जल संकट दूर करने के अलावा किसानों को अच्छी फसल तैयार करने के लिए उर्वरकों के स्थान पर जैविक खादों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कम समय में तैयार होने वाले बीज का इस्तेमाल करने और छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर  सिंचाई के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके अलावा अच्छे स्वास्थ्य के लिए ग्रामीणों को स्वच्छता की नसीहत दी जा रही है। बताया कि ग्राम पंचायत व ब्लॉक स्तर पर कार्ययोजना बनाकर तालाबों के नवीनीकरण व जिस स्थान पर वर्षा जल एकत्र होता है वहां रिचार्ज बोर बनाकर जल संचयन किया जा रहा है।


इस कार्य में ग्राम प्रधान, वीडीओ के अलावा, गंगा मित्र व संस्थाएं अपना पूरा सहयोग दे रही हैं। विश्व पृथ्वी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संस्था के सोमनाथ शुक्ला, ग्राम प्रधान मुंहपोछा कृपा शंकर पाल, गिरीश कुमार, विश्व नाथ, विपिन, रमेश आदि मौजूद रहे।

 

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