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पेट में कीड़े होने से बच्चों का रुकता है विकास
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Wed, 01 Feb 2017 02:05 AM IST
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कृमि मुक्ति दिवस को लेकर बैठक करते डाक्टर।
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सीएमओ कार्यालय सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की बैठक में एक से 19 वर्ष तक के बच्चों में कृमि संक्रमण से बचाने को लेकर चर्चा हुई और कार्य योजना बनाई गई।
कृमि मुक्ति दिवस की बैठक में डिप्टी सीएमओ डा. एपी वर्मा ने कहा कि बच्चों के पेट में कीड़े होने से उनका शारीरिक विकास रुक जाता है। इससे उनके पोषण स्तर में वृद्धि रुक जाती है। साथ ही शारीरिक वजन, मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास व स्मरण शक्ति में कमी हो जाती है।
डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) डा. अशोक कुमार ने कहा कि 28 फरवरी से अभियान चलाकर एक से छह वर्ष तक बच्चों तथा छह से 19 वर्ष के बालक-बालिकाओं को कृमि रोग से बचाव की दवा वितरित की जाएगी।
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इस दौरान बच्चों में दवा वितरण को लेकर कार्य योजना बनाई गई। बैठक में डीआईओएस पीपी मौर्य, बीएसए शाहीन, डा. महेंद्र जटारिया, डा. आईएच खान, डा. सिद्धार्थ पाठक, सीडीपीओ मैथा सुमन आदि मौजूद रहे।
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कृमि मुक्ति दिवस की बैठक में डिप्टी सीएमओ डा. एपी वर्मा ने कहा कि बच्चों के पेट में कीड़े होने से उनका शारीरिक विकास रुक जाता है। इससे उनके पोषण स्तर में वृद्धि रुक जाती है। साथ ही शारीरिक वजन, मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास व स्मरण शक्ति में कमी हो जाती है।
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डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) डा. अशोक कुमार ने कहा कि 28 फरवरी से अभियान चलाकर एक से छह वर्ष तक बच्चों तथा छह से 19 वर्ष के बालक-बालिकाओं को कृमि रोग से बचाव की दवा वितरित की जाएगी।
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इस दौरान बच्चों में दवा वितरण को लेकर कार्य योजना बनाई गई। बैठक में डीआईओएस पीपी मौर्य, बीएसए शाहीन, डा. महेंद्र जटारिया, डा. आईएच खान, डा. सिद्धार्थ पाठक, सीडीपीओ मैथा सुमन आदि मौजूद रहे।