फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   Deteriorating farming, organic manure experiment

बिगड़ रही खेती की सेहत, जैविक खाद का करें प्रयोग

Thu, 16 Nov 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 16 Nov 2017 01:37 AM IST
विज्ञापन
Deteriorating farming, organic manure experiment
किसानों को जानकारी देते कृषि विशेषज्ञ। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
तहसील क्षेत्र के ग्राम सरगांव में प्रसार-सुधार/आत्मा योजना के तहत विकास खंड स्तरीय रबी गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से खेती की सेहत बिगड़ रही है। जबकि, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। इससे बचने के लिए मृदा परीक्षण कराने और खेतों में गोबर और हरी खादों का प्रयोग करने की सलाह दी गई।
विज्ञापन

कृषि वैज्ञानिक श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि ट्रैक्टरों से की जाने वाली जुताई और रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी के नीचे पलने वाले कृषि मित्र कीट केंचुआ आदि नष्ट हो जाते हैं। जबकि, हल-बैल से की जाने वाली जुताई और जैविक खाद के प्रयोग से इनकी वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण के 80 फीसदी परिणाम काफी चौंकाने वाले निकल रहे हैं। जिनमें पीएच (पोषक तत्वों) और कार्बन की मात्रा चिंताजनक स्तर पर पाई जा रही है। वहीं, कीटनाशकों के प्रयोग से अनाज, फल और सब्जी भी जहरीले होते जा रहे हैं।
विज्ञापन

कृषि विशेषज्ञों ने कंपोस्ट, जैविक और हरी खाद तैयार करने की सरल विधियां भी किसानों को समझाईं। जबकि, रबी की फसलों में गेहूं, जौ, चना-मटर, लाही-सरसों के साथ ही आलू, गोभी, टमाटर, प्याज, लहसुन, मेथी, धनियां आदि के बारे में उपयोगी जानकारियां उपलब्ध कराईं। फल और सब्जी उत्पादन के साथ ही पशुपालन पर भी चर्चा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों को बताया गया कि कम बारिश होने और मौसम चक्र बिगड़ने से मैदानी इलाके में फसल चक्र भी प्रभावित हो रहा है। इससे बचने के लिए कम पानी में पैदा होने वाली फसलें बोएं।


जबकि, अन्ना मवेशियों की समस्या से बचने के लिए किसान मिलकर बड़े पैमाने पर एक ही फसल की बुवाई करें। इससे उनकी फसल का नुकसान कम होगा।
गोष्ठी में कृषि विषयवस्तु विशेषज्ञ रवींद्रनाथ कटियार, जहीर खान, आत्मा के बीटीएम राकेश सिंह, अशोक कुमार, रामनरेश, विवेक कुमार और मृदा परीक्षण सहायक सुनील त्रिपाठी सहित अन्य लोगों ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रगतिशील किसान संजय तिवारी ने किया।
फोटो- 15 जीटीआरपी 3- किसानों को जानकारी देते कृषि विशेषज्ञ।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed