फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   cow

पशुपालन विभाग की टीम ने आश्रयस्थलों का निरीक्षण किया

Tue, 22 Oct 2019 01:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2019 01:42 AM IST
विज्ञापन
cow
भीतरगांव (घाटमपुर)। पशुपालन विभाग की टीम ने सोमवार को विकास खंड के अरंजझामी, साढ़ कस्बा और बेंहटा-मदनपुर गांव में संचालित पशु आश्रयस्थलों की हकीकत देखी और संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। खासकर सर्दी के मौसम के लिए पूर्व में ही व्यवस्थाएं पूरी कर लेने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

संयुक्त निदेशक (पशुपालन) डा.सीके शुक्ला की अगुवाई में टीम के सदस्यों ने सबसे पहले कुड़नी इलाके के अरंजझामी गांव स्थित पशु आश्रयस्थल का हाल देखा। वहां पर कुल 18 गोवंश मिले। टीम के सदस्यों ने ग्राम प्रधान गयाप्रसाद साहू और पंचायत सचिव पंकज सचान से पूछताछ की। टीम के सदस्यों ने गाय और सांड़ों को अलग-अलग बाड़ों में रखने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

अरंजझामी के बाद टीम साढ़ कस्बा स्थित जिला पंचायत की ओर से संचालित कांजी हाउस का हाल देखने पहुंची। यहां पर कुल 20 गोवंश मिले। वहां से टीम के सदस्य बेंहटा-मदनपुर गांव के पशु आश्रयस्थल में पहुंचे। यहां पर कुल 79 गोवंश बंद मिले। टीम के सदस्यों ने सभी का निरीक्षण किया वहीं, ठंड का मौसम शुरू होने से पहले आश्रयस्थल को टीन शेड से ढकने, चारे-पानी की उचित व्यवस्था करने और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी करने के लिए पंचायत सचिव रामपाल और ग्राम प्रधान पति धीरेंद्र सिंह को निर्देशित किया। इस दौरान आश्रय स्थलों में मवेशियों की देखरेख करने वाले श्रमिकों ने बताया कि उनको मजदूरी के नाम पर सिर्फ 182 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है जो महंगाई के इस दौर में काफी कम है। टीम के सदस्यों ने उनकी बात को लिखापढ़ी में शासन स्तर पर पहुंचाने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुधन विभाग के संयुक्त निदेशक डा.सीके शुक्ला ने बताया कि बीते दिनों महराजगंज जिले में हुई गोवंशों की मौत के बाद शासन स्तर से पशु आश्रयस्थलों की जांच कराई जा रही है। जिसकी रिपोर्ट को शासन स्तर पर संज्ञान में लिया जा रहा है। इस दौरान टीम के साथ स्थानीय स्तर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (कानपुर) डा. सुधीर श्रीवास्तव, पशु चिकित्साधिकारी (भीतरगांव) डा.ओमप्रकाश वर्मा और डा.विवेक सिंह (सरसौल) भी थे।
फोटो- 21 जीटीआरपी 4- अरंजझामी गांव के पशु आश्रयस्थल में जांच करती टीम।
फोटो- 21 जीटीआरपी 5- बेंहटा-मदनपुर गांव के पशु आश्रयस्थल का जायजा लेने पहुंचे टीम के सदस्य।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed