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जहां महिलाओं का सम्मान, वहां देवताओं का वास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:22 AM IST
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घाटमपुर तहसील क्षेत्र के सांखाहारी गांव स्थित श्री शक्ति डिग्री कालेज में महिला जागरूकता एवं रोजगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कानपुर विद्या मंदिर पीजी कालेज की प्राचार्य डा. आशारानी राय ने कहा कि जब ईश्वर ने स्त्री और पुरुष में कोई भेदभाव नहीं किया है तो समाज में क्यों किया जाता है।
कहा कि महिलाएं भी पुरुषों की तरह यज्ञोपवीत धारण कर सकती हैं और यज्ञादिक क्रियाएं खुद करने के साथ ही दूसरों से संपन्न करवा सकती हैं।
उन्होंने प्राचीन काल में गार्गी, अपाला, अनसुइया और विश्ववारा जैसी विदुषी महिलाओं के उदाहरण दिए। कहा कि महिला ही बच्चे की प्रथम गुरु होने के साथ समाज और गृहस्थी की अग्रणी संचालक है।
उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उनको स्वावलंबी और निडर बनाने पर जोर दिया। कहा कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति काफी जागरूक हुई हैं।
रोजगार हो चाहे नौकरी के क्षेत्र हर जगह वह पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। डा. संध्या सचान ने महिलाओं को स्वरोजगार के बारे में बताया।
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खासकर रेशम कीट पालन, दुग्ध उत्पादन और खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे आने की अपील की। डा. वंदना बाजपेई, डा. हर्षिता जायसवाल, डा. भावना और डा. मोनिका गुप्ता सहित अन्य शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन डा. अर्चना मिश्रा ने किया।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कानपुर विद्या मंदिर पीजी कालेज की प्राचार्य डा. आशारानी राय ने कहा कि जब ईश्वर ने स्त्री और पुरुष में कोई भेदभाव नहीं किया है तो समाज में क्यों किया जाता है।
कहा कि महिलाएं भी पुरुषों की तरह यज्ञोपवीत धारण कर सकती हैं और यज्ञादिक क्रियाएं खुद करने के साथ ही दूसरों से संपन्न करवा सकती हैं।
उन्होंने प्राचीन काल में गार्गी, अपाला, अनसुइया और विश्ववारा जैसी विदुषी महिलाओं के उदाहरण दिए। कहा कि महिला ही बच्चे की प्रथम गुरु होने के साथ समाज और गृहस्थी की अग्रणी संचालक है।
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उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उनको स्वावलंबी और निडर बनाने पर जोर दिया। कहा कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति काफी जागरूक हुई हैं।
रोजगार हो चाहे नौकरी के क्षेत्र हर जगह वह पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। डा. संध्या सचान ने महिलाओं को स्वरोजगार के बारे में बताया।
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खासकर रेशम कीट पालन, दुग्ध उत्पादन और खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे आने की अपील की। डा. वंदना बाजपेई, डा. हर्षिता जायसवाल, डा. भावना और डा. मोनिका गुप्ता सहित अन्य शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन डा. अर्चना मिश्रा ने किया।