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शीतगृह कर्मी की दुर्घटना में मौत, मुआवजा को लेकर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:41 AM IST
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मृतक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शिवराजपुर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में 16 नवंबर की रात अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार शीतगृह कर्मी की मौत हो गई। परिजनों ने घटना के दूसरे दिन शव को शीतगृह में रखकर जिला प्रशासन और मिल मालिक से आर्थिक सहायता की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस व शीतगृह मालिक के समझाने पर उत्तेजित लोग शांत हुए।
क्षेत्र के बहरमापुर गांव में जीटी रोड किनारे स्थित जगदीश शीतगृह में 40 वर्षीय राकेश पुत्र शिवप्रसाद कर्मी थे। एसओ जसवंत सिंह ने बताया कि गुरुवार रात करीब 10 बजे शीतगृह का काम पूरा कर राकेश साइकिल से अपने गांव औरावरी जा रहा था। तभी दरियापुर गांव के समीप किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में राकेश बुरी तरह घायल हो गया।
राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन राकेश को शिवराजपुर सीएचसी में भर्ती कराया जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। शुक्रवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। राकेश की मौत के बाद परिजन उसके शव को लेकर शाम करीब तीन बजे शीतगृह पहुंचे और मुआवजे की मांग करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस व शीतगृह मालिक द्वारा हर संभव मदद का भरोसा मिलने पर उत्तेजित लोग शांत हुए। राकेश घर का मुखिया था। उसकी मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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क्षेत्र के बहरमापुर गांव में जीटी रोड किनारे स्थित जगदीश शीतगृह में 40 वर्षीय राकेश पुत्र शिवप्रसाद कर्मी थे। एसओ जसवंत सिंह ने बताया कि गुरुवार रात करीब 10 बजे शीतगृह का काम पूरा कर राकेश साइकिल से अपने गांव औरावरी जा रहा था। तभी दरियापुर गांव के समीप किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में राकेश बुरी तरह घायल हो गया।
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राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन राकेश को शिवराजपुर सीएचसी में भर्ती कराया जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। शुक्रवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। राकेश की मौत के बाद परिजन उसके शव को लेकर शाम करीब तीन बजे शीतगृह पहुंचे और मुआवजे की मांग करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस व शीतगृह मालिक द्वारा हर संभव मदद का भरोसा मिलने पर उत्तेजित लोग शांत हुए। राकेश घर का मुखिया था। उसकी मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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