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सीएमओ पर सुनियोजित षड्यंत्र का आरोप, सभी कार्यमुक्त आदेश निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Dec 2016 01:37 AM IST
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मुख्य चिकित्साधिकारी के स्थानांतरण की मांग पर अड़े डिप्टी सीएमओ और स्वास्थ्य कर्मियों के शनिवार से इमरजेंसी सेवाएं बाधित करने के मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। सीएमओ की ओर से दो डिप्टी सीएमओ, एक चिकित्सक और एक वरिष्ठ लिपिक के कार्यमुक्त आदेश को अपर निदेशक कानपुर मंडल ने शनिवार की देरशाम सुनियोजित षड्यंत्र सहित अन्य आरोप बता निरस्त कर दिए। कमिश्रर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उधर, रविवार को भी सीएमओ कार्यालय में साक्षात्कार जारी रहा।
बताते चलें कि शनिवार सुबह एसडीएम जयनाथ यादव भारी पुलिस बल के साथ सीएमओ कार्यालय मोड़ के समीप डट गए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खुशीराम के गिरफ्तार किए जाने पर सभी आक्रोशित हो गए थे। सीएमओ डॉ अनीता सिंह ने डिप्टी सीएमओ डा. आनंद प्रकाश वर्मा, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार, डाक्टर रामप्रकाश और वरिष्ठ लिपिक एनएचएम राजेंद्र सोनी को कार्य बहिष्कार, हड़ताल, तालाबंदी व अधिकारियों, कर्मचारियों को भड़काने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त का आदेश थमा दिया था।
सीएमओ के उत्पीड़न का शिकार डिप्टी सीएमओ और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने कमिश्रर व एडी हेल्थ कानपुर मंडल डा. करन सिंह को दुखड़ा सुनाया था। देरशाम एडी हेल्थ ने डिप्टी सीएमओ एपी वर्मा, डिप्टी सीएमओ डा. अशोक कुमार डाक्टर रामप्रकाश और वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र सोनी के कार्यमुक्त आदेश का अंकन न होने, नियमों के विरुद्ध आदेश सहित सुनियोजित षडयंत्र के तहत आदेश जारी करने का आरोप लगा सभी आदेशों को निरस्त कर दिया। एडी हेल्थ डा. करन सिंह ने बताया कि आयुक्त ने बीते 8 दिसंबर की समीक्षा बैठक में सीएमओ के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच के निर्देश दिए थे। जांच 9 दिसंबर को की गई है। जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों ने सीएमओ डा. अनीता सिंह पर अमर्यादित कार्य व्यवहार, मानसिक व शारीरिक उत्पीडन व कई माह से वेतन न देने का लिखित बयान दिया था। सीएमओ के एकतरफा कार्यमुक्त आदेश को निरस्त कर दिया गया है।
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आंदोलन कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों के मामले में रविवार को भी सीएचसी व पीएचसी अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं पर दिखाई दिया। अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के पहुंचने से मरीजों को बैरंग होकर लौटना पड़ा। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों के ताले जरूर खुले रहे। मरीजों का इलाज करने के लिए कोई भी डाक्टर मौजूद नहीं मिला।
सीएमओ के उत्पीड़न पर जहां कई संगठन हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों को समर्थन दे रहे हैं, वहीं मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ ने सीएमओ के पक्ष में समर्थन दिया है।
संगठन की जिलाध्यक्ष मीरा शर्मा ने कुछ अराजक तत्वों पर महिला कर्मियों को भ्रमित कर आंदोलन के लिए उकसाने का आरोप लगा कार्य जारी रखने की अपील की है।
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बताते चलें कि शनिवार सुबह एसडीएम जयनाथ यादव भारी पुलिस बल के साथ सीएमओ कार्यालय मोड़ के समीप डट गए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खुशीराम के गिरफ्तार किए जाने पर सभी आक्रोशित हो गए थे। सीएमओ डॉ अनीता सिंह ने डिप्टी सीएमओ डा. आनंद प्रकाश वर्मा, डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार, डाक्टर रामप्रकाश और वरिष्ठ लिपिक एनएचएम राजेंद्र सोनी को कार्य बहिष्कार, हड़ताल, तालाबंदी व अधिकारियों, कर्मचारियों को भड़काने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त का आदेश थमा दिया था।
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सीएमओ के उत्पीड़न का शिकार डिप्टी सीएमओ और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने कमिश्रर व एडी हेल्थ कानपुर मंडल डा. करन सिंह को दुखड़ा सुनाया था। देरशाम एडी हेल्थ ने डिप्टी सीएमओ एपी वर्मा, डिप्टी सीएमओ डा. अशोक कुमार डाक्टर रामप्रकाश और वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र सोनी के कार्यमुक्त आदेश का अंकन न होने, नियमों के विरुद्ध आदेश सहित सुनियोजित षडयंत्र के तहत आदेश जारी करने का आरोप लगा सभी आदेशों को निरस्त कर दिया। एडी हेल्थ डा. करन सिंह ने बताया कि आयुक्त ने बीते 8 दिसंबर की समीक्षा बैठक में सीएमओ के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच के निर्देश दिए थे। जांच 9 दिसंबर को की गई है। जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों ने सीएमओ डा. अनीता सिंह पर अमर्यादित कार्य व्यवहार, मानसिक व शारीरिक उत्पीडन व कई माह से वेतन न देने का लिखित बयान दिया था। सीएमओ के एकतरफा कार्यमुक्त आदेश को निरस्त कर दिया गया है।
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आंदोलन कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों के मामले में रविवार को भी सीएचसी व पीएचसी अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं पर दिखाई दिया। अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के पहुंचने से मरीजों को बैरंग होकर लौटना पड़ा। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों के ताले जरूर खुले रहे। मरीजों का इलाज करने के लिए कोई भी डाक्टर मौजूद नहीं मिला।
सीएमओ के उत्पीड़न पर जहां कई संगठन हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों को समर्थन दे रहे हैं, वहीं मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ ने सीएमओ के पक्ष में समर्थन दिया है।
संगठन की जिलाध्यक्ष मीरा शर्मा ने कुछ अराजक तत्वों पर महिला कर्मियों को भ्रमित कर आंदोलन के लिए उकसाने का आरोप लगा कार्य जारी रखने की अपील की है।