{"_id":"582f66be4f1c1b57258fedc8","slug":"chenge-and-old-notes-from-the-seeds-to-the-farmers-denied","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक व पुराने नोटों से किसानों को बीज देने से इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेक व पुराने नोटों से किसानों को बीज देने से इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 02:27 AM IST
विज्ञापन
बीओबी नुनारी में रुपये आने के इंतजार में बैठे जरूरतमंद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच सौ और एक हजार के नोट बंदी से किसान, व्यापारियों, दुकानदारों को हर रोज परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शादी-विवाह की व्यवस्थाएं नहीं कर पा रहे हैं। जिससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। शुक्रवार को बैंक आफ बड़ौदा, डेरापुर व नुनारी शाखा में रुपये न होने से लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
शुक्रवार को बैंक से रुपये निकालने आए नुनारी क्षेत्र के गांव मुर्रा निवासी जितेंद्र ने बताया कि उसके भाई की शनिवार को मंगलपुर क्षेत्र में बारात जा रही है। वाहन, बैंड-बाजा, रश्म अदायगी, नेग न्यौछावर आदि के लिए रुपयों की जरूरत है। खाते में रुपये होने के बावजूद नहीं मिल पा रहे हैं। 11 तारीख से बैंक के चक्कर लगा रहा है।
घुष्ठी गढिया गांव निवासी किसान लालसिंह कुशवाहा ने बताया कि वह किसी तरह परिवार का पालन करता है। खेत की जुताई व बुवाई तो उधार करा ली। बीज-खाद के लिए रुपये नहीं हैं। समय रहते रुपये का इंतजाम न हुआ तो फसल बर्बाद हो सकती है। डेरापुर कस्बे के अंबेडकर नगर निवासी मथुरा प्रसाद की पुत्री की 21 को शादी है।
विज्ञापन
शनिवार को तिलक जाएगा। कई दिन से रुपये निकालने के नंबर तक बैंक में कैश खत्म हो जाता है। रिश्तेदारों, व्यवहारियों से कर्ज मांगा तो सभी पुराने नोट ही थमा रहे हैं। रतनियापुर गांव निवासी किसान मेंबर सिंह ने बताया कि खेती करने के लिए ब्याज पर कर्ज लिया है। उधार लेकर खाद-बीज लाने के बाद अब खेत जुताई व पलेवा की रकम देने के लिए रुपये नहीं हैं।
डिरवापुर गांव निवासी किसान यदुवीर सिंह ने बताया कि खेतों की जुताई के दौरान टै्रक्टर में खराबी आ गई। दुकानदार फुटकर रुपये मांग रहा है। उसके पास पांच सौ व हजार के नोट हैं। दुकानदार व मिस्त्री लेने को तैयार नहीं। ऐसे में खेती का काम पिछड़ रहा है।
डेरापुर बीओबी शाखा प्रबंधक ने बताया कि रुपये आने पर बांटे जाएंगे। एसबीआई शाखा प्रबंधक विजय कुमार दुबे ने बताया कि लोगों में रुपये देने में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। नुनारी स्थित बीओबी शाखा प्रबंधक निखिल शर्मा ने बताया कि गुरुवार को दो लाख रुपये थे। जो बांट दिए गए। अभी रुपये नहीं आए हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को बैंक से रुपये निकालने आए नुनारी क्षेत्र के गांव मुर्रा निवासी जितेंद्र ने बताया कि उसके भाई की शनिवार को मंगलपुर क्षेत्र में बारात जा रही है। वाहन, बैंड-बाजा, रश्म अदायगी, नेग न्यौछावर आदि के लिए रुपयों की जरूरत है। खाते में रुपये होने के बावजूद नहीं मिल पा रहे हैं। 11 तारीख से बैंक के चक्कर लगा रहा है।
विज्ञापन
घुष्ठी गढिया गांव निवासी किसान लालसिंह कुशवाहा ने बताया कि वह किसी तरह परिवार का पालन करता है। खेत की जुताई व बुवाई तो उधार करा ली। बीज-खाद के लिए रुपये नहीं हैं। समय रहते रुपये का इंतजाम न हुआ तो फसल बर्बाद हो सकती है। डेरापुर कस्बे के अंबेडकर नगर निवासी मथुरा प्रसाद की पुत्री की 21 को शादी है।
विज्ञापन
शनिवार को तिलक जाएगा। कई दिन से रुपये निकालने के नंबर तक बैंक में कैश खत्म हो जाता है। रिश्तेदारों, व्यवहारियों से कर्ज मांगा तो सभी पुराने नोट ही थमा रहे हैं। रतनियापुर गांव निवासी किसान मेंबर सिंह ने बताया कि खेती करने के लिए ब्याज पर कर्ज लिया है। उधार लेकर खाद-बीज लाने के बाद अब खेत जुताई व पलेवा की रकम देने के लिए रुपये नहीं हैं।
डिरवापुर गांव निवासी किसान यदुवीर सिंह ने बताया कि खेतों की जुताई के दौरान टै्रक्टर में खराबी आ गई। दुकानदार फुटकर रुपये मांग रहा है। उसके पास पांच सौ व हजार के नोट हैं। दुकानदार व मिस्त्री लेने को तैयार नहीं। ऐसे में खेती का काम पिछड़ रहा है।
डेरापुर बीओबी शाखा प्रबंधक ने बताया कि रुपये आने पर बांटे जाएंगे। एसबीआई शाखा प्रबंधक विजय कुमार दुबे ने बताया कि लोगों में रुपये देने में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। नुनारी स्थित बीओबी शाखा प्रबंधक निखिल शर्मा ने बताया कि गुरुवार को दो लाख रुपये थे। जो बांट दिए गए। अभी रुपये नहीं आए हैं।