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युवती को मरा समझ प्रेमी ने फांसी लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:21 AM IST
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माौत
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस चौकी बिरहर के तेजवापुर गांव में एक प्रेमी ने युवती को मरा समझकर फांसी लगा ली। वहीं, युवती को बेहोशी की हालत में भीतरगांव सीएचसी से उर्सला रेफर किया गया। शुक्रवार देरशाम घाटमपुर कोतवाली पुलिस ने युवती के पिता और चार अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ राजेश पांडेय ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग का है। युवती के भाई और उसके दादा को हिरासत में लिया गया है। युवती के होश में आने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे।
शुक्रवार सुबह तेजवापुर गांव निवासी मेवालाल पाल की पुत्री दिव्या उर्फ निधि (18) घर में अकेली थी। इसी बीच पड़ोस में रहने वाली चचेरी बहन सोनम पाल (10) उसके घर पहुंची। दिव्या जमीन पर बेहोश पड़ी थी और गांव के विवेक सोनकर (24) पुत्र मुन्नूलाल उसके पास खड़ा देखकर सोनम ने घरवालों को जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन दिव्या को लेकर सीएचसी पहुंचे। डाक्टरों ने दिव्या के गले पर फांसी के निशान देखकर उसे उर्सला रेफर कर दिया। वहीं, दिव्या को मरा समझकर विवेक ने अपने घर के पिछले हिस्से में बने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। युवक के पिता मुन्नूलाल का आरोप है कि दिव्या के परिजनों ने घर में घुसकर विवेक के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे फांसी पर लटका दिया। इधर घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को विवेक की पैंट की जेब में मिले पर्स में दिव्या की कई फोटो और उसके नाम का एक फटा हुआ पत्र भी मिला। कोतवाल अमित कुमार सिंह ने बताया कि युवक के शरीर पर चोटों के निशान नहीं थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। वहीं मौके पर पहुंचे एसपी (ग्रामीण) जयप्रकाश सिंह व फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल की। गांव में तनाव के चलते दोनों के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं युवती के भाई आशीष और उसके दादा सेवालाल पाल को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
विवेक के पिता मुन्नूलाल सोनकर ने बताया कि पड़ोसी मेवालाल पाल को शक था कि विवेक का उसकी लड़की दिव्या उर्फ निधि से प्रेम प्रसंग था। इसकी वजह से युवती के परिजन विवेक से बदला लेने की फिराक में थे। शुक्रवार सुबह 8 बजे उसका पुत्र विवेक उर्फ छोटू दुकान से सामान लेकर आ रहा था। युवती के दरवाजे के पास पहुंचते पिता मेवालाल, भाई आशीष के साथ-साथ संदीप और डेविड ने उसे दौड़ा लिया। विवेक भागकर अपने कमरे में घुस गया और अंदर से कुंडी लगा ली। आरोप है कि पीछे से विपक्षी भी ईंट-पत्थर लेकर पहुंच गए। आंगन में बर्तन धो रही मुन्नूलाल की बहन चांदनी ने विरोध किया तो संदीप और आशीष ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी कमरे का दरवाजा तोड़कर भीतर घुस गए। विवेक के साथ मारपीट करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में शव फांसी पर लटकाने के बाद धमकी देते हुए आरोपी मौके से चले गए। मुन्नूलाल ने बताया कि जब आरोपी उसके घर से बाहर निकल रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया। वहीं, दिव्या के भाई आशीष पाल का आरोप है कि विवेक उसके घर में घुसकर दिव्या से जोर-जबरदस्ती कर रहा था। विरोध करने पर विवेक ने दिव्या का दुपट्टे से गला कस दिया। बेहोश होने पर दिव्या को मरा जानकर विवेक ने अपने घर में जाकर फांसी लगा ली। पूछताछ के दौरान आशीष ने पुलिस को बताया कि वह बहन की हालत देखकर विवेक के घर गया था। घर के दरवाजे बंद होने की वजह से वह और उसके घर के सदस्य लौट आए थे।
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शुक्रवार सुबह तेजवापुर गांव निवासी मेवालाल पाल की पुत्री दिव्या उर्फ निधि (18) घर में अकेली थी। इसी बीच पड़ोस में रहने वाली चचेरी बहन सोनम पाल (10) उसके घर पहुंची। दिव्या जमीन पर बेहोश पड़ी थी और गांव के विवेक सोनकर (24) पुत्र मुन्नूलाल उसके पास खड़ा देखकर सोनम ने घरवालों को जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन दिव्या को लेकर सीएचसी पहुंचे। डाक्टरों ने दिव्या के गले पर फांसी के निशान देखकर उसे उर्सला रेफर कर दिया। वहीं, दिव्या को मरा समझकर विवेक ने अपने घर के पिछले हिस्से में बने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। युवक के पिता मुन्नूलाल का आरोप है कि दिव्या के परिजनों ने घर में घुसकर विवेक के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे फांसी पर लटका दिया। इधर घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को विवेक की पैंट की जेब में मिले पर्स में दिव्या की कई फोटो और उसके नाम का एक फटा हुआ पत्र भी मिला। कोतवाल अमित कुमार सिंह ने बताया कि युवक के शरीर पर चोटों के निशान नहीं थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। वहीं मौके पर पहुंचे एसपी (ग्रामीण) जयप्रकाश सिंह व फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल की। गांव में तनाव के चलते दोनों के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं युवती के भाई आशीष और उसके दादा सेवालाल पाल को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
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विवेक के पिता मुन्नूलाल सोनकर ने बताया कि पड़ोसी मेवालाल पाल को शक था कि विवेक का उसकी लड़की दिव्या उर्फ निधि से प्रेम प्रसंग था। इसकी वजह से युवती के परिजन विवेक से बदला लेने की फिराक में थे। शुक्रवार सुबह 8 बजे उसका पुत्र विवेक उर्फ छोटू दुकान से सामान लेकर आ रहा था। युवती के दरवाजे के पास पहुंचते पिता मेवालाल, भाई आशीष के साथ-साथ संदीप और डेविड ने उसे दौड़ा लिया। विवेक भागकर अपने कमरे में घुस गया और अंदर से कुंडी लगा ली। आरोप है कि पीछे से विपक्षी भी ईंट-पत्थर लेकर पहुंच गए। आंगन में बर्तन धो रही मुन्नूलाल की बहन चांदनी ने विरोध किया तो संदीप और आशीष ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी कमरे का दरवाजा तोड़कर भीतर घुस गए। विवेक के साथ मारपीट करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में शव फांसी पर लटकाने के बाद धमकी देते हुए आरोपी मौके से चले गए। मुन्नूलाल ने बताया कि जब आरोपी उसके घर से बाहर निकल रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया। वहीं, दिव्या के भाई आशीष पाल का आरोप है कि विवेक उसके घर में घुसकर दिव्या से जोर-जबरदस्ती कर रहा था। विरोध करने पर विवेक ने दिव्या का दुपट्टे से गला कस दिया। बेहोश होने पर दिव्या को मरा जानकर विवेक ने अपने घर में जाकर फांसी लगा ली। पूछताछ के दौरान आशीष ने पुलिस को बताया कि वह बहन की हालत देखकर विवेक के घर गया था। घर के दरवाजे बंद होने की वजह से वह और उसके घर के सदस्य लौट आए थे।
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