फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   Banks over cash, pleaded with wedding card

बैंकों में कैश खत्म, शादी का कार्ड लेकर गिड़गिड़ाए

Thu, 17 Nov 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 17 Nov 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
Banks over cash, pleaded with wedding card
एसबीआई माती में नोट बदलने के बाद युवक की अंगुली में अमिट स्याही लगाता बैंक कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को जिलेभर की अधिकांश बैंकों में पूरे दिन कैश न होने की किल्लत बनी रही। इसके चलते लोगों ने आक्रोश रहा। बैंकों में रुपये न होने के बावत अधिकारी आरबीआई से रुपये न भेजने का रोना रो रहे हैं।
विज्ञापन


वहीं शादी-बारात वाले घरों के लोग कार्ड लेकर अधिकारियों की चौखट पर दुखड़ा सुनाने को मजबूर हुए। लेकिन, अधिकारियों ने भी नए नियम का पाठ पढ़ाकर हाथ खड़े कर दिए। लोगों की समस्याओं की लाख मिन्नतों के बावजूद बैंक कर्मियों से लेकर अधिकारी कोई हल नहीं ढूंढ सके।
विज्ञापन



हालांकि शाम को अकबरपुर के एसबीआई व आईसीआईसीआई एटीएम में रुपये होने की जानकारी पर सड़क तक कतारें लगी रही। लीड बैंक मैनेजर जीपी भारतीय ने सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों को रुपये भेजने का पत्र भेजा गया है। रुपये आते ही हर जरूरतमंद में वितरण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



स्याही न होने से कई बैंकों में लेनदेन ठप- कानपुर देहात। 500 व 1000 रुपये के बंद पुराने नोट बार-बार बदलने से बैंकों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए लोगों की अंगुली पर अमिट स्याही लगाने का फैसला लिया गया है। इसके चलते बुधवार को अकबरपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर किसी भी बैंकों में अमिट स्याही न होने से लेनदेन ठप रहा।


लोग बैंक खुलने के पहले ही नोट जमा करने व बदलने के लिए लंबी लाइन लगाकर खड़े हो गए। जब लोगों को स्याही न होने पर रुपये बदलने व निकासी न होने की जानकारी हुई तो आक्रोशित होकर बैरंग लौट गए।


हिम्मापुरवा निवासी किसान किशन यादव ने बताया कि उसने अपने 10 बीघा खेतों में बाजरा की बुवाई की थी। जिसकी मड़ाई हो चुकी है। रवी फसल में गेहूं बुवाई के लिए बीज व खाद खरीदना है। लेकिन रुपये न होने से खेती-बाड़ी का काम ठप पड़ा हुआ है। ऐसे में इस बार फसलों की बुवाई पिछड़ती नजर आ रही है। - किशन यादव (किसान हिम्मापुरवा)


नवीपुर निवासी किसान सोनेलाल का कहना है कि एक बीघा फसल में गेहूं की बुवाई करनी है। घर में बचेे रुपये जरूरत का सामान खरीदने में खर्च हो गए। अब फसल बुवाई के लिए रुपये नहीं बचे हैं। कोई भी रुपये उधार नहीं दे रहा है। बुधवार को बैंकों में रुपये न होने से बैरंग लौटना पड़ा। - सोनेलाल (किसान नवीपुर)


अमिट स्याही से रुकेगा घालमेल- कानपुर देहात। 500 व 1000 रुपये के नोट बार बार बदलने वालों पर नकेल कसने के लिए आरबीआई के निर्देश पर बैंकों में नोट बदलने वाले लोगों की अंगुली पर स्याही लगाई गई। एलडीएम जीपी भारतीय ने बताया कि अमिट स्याही लगाने से लोग बार-बार नोट नहीं बदल सकेंगे। साथ ही हर जरूरतमंद नोट बदल सकेंगे।


नोट के लिए खुद ही तरस रहे बैंक- कानपुर देहात। नवीपुर गांव स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में पर्याप्त धन न होने से खाताधारकों व अन्य लोग रुपये न मिलने पर आक्रोशित दिखे।


बैंक पहुंचे नवीपुर निवासी सोनू, किसान यदुनाथ सिंह, दशरथ पाल ने बताया कि बैंक में दो दिन से रुपये सिर्फ जमा किए जा रहे है। रुपये न मिलने से गृहस्थी का सामान, बच्चों की फीस व खेत की बुवाई आदि में काफी दिक्कतें आ रही है। बैंक मैनेजर ने बताया कि शाखा में धन नहीं है। रुपये आने पर खाताधारकों को भुगतान व अन्य लोगों के नोट बदले जाएंगें।



मारा-मारी में व्यापारी बने सहारा- कानपुर देहात। बैंकों में नोट बदलने के लिए सुबह से ही लग रही कतारें लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। लोग भूखे-प्यासे घंटों लाइन में लगकर रुपये बदल व जमा करने को मजबूर हैं। इसपर संदलपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष परवेश कटियार ने बैंक पहुंचकर लोगों में लड्डू का वितरण किया और पानी पिलाया। इसपर लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed