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नर्स की मौत के बाद अस्पताल का घेराव, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Feb 2017 02:17 AM IST
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आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
अकबरपुर कसबा स्थित राजावत हास्पिटल की स्टाफ नर्स का शव पंखे से लटकता मिला था। घटना के दूसरे दिन बुधवार को युवती के परिजनों ने हास्पिटल का घेराव कर हंगामा किया। आरोप है कि युवती को कुछ समय से सैलरी नहीं दी जा रही थी। घेराव व हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर वापस किया। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग निकला है। किसी अन्य आशंका के चलते स्लाइड भी तैयार की गई है।
बता दें कि, गजनेर थाना क्षेत्र के मोहानागांव निवासी सुबेदार की सबसे छोटी पुत्री ओजस्वनी (24) अकबरपुर स्थित राजावत हास्पिटल में स्टाफ नर्स थी। दो दिन से अस्पताल नहीं गई थी।
फोन नहीं उठने पर एक कर्मचारी उसके अकबरपुर के अशोक नगर स्थित मकान में पहुंचा। कमरा नहीं खुलने पर उसने खिड़की के रास्ते देखा कि ओजस्वनी का शव कुंडे से लटक रहा था। दरवाजा तोड़कर शव को निकाला गया।
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इधर, घटना के दूसरे दिन बुधवार को मोहाना गांव के तमाम लोग राजावत हास्पिटल के गेट के सामने नर्स का शव रखकर हंगामा करने लगे। अकबरपुर कोतवाल अरविंद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने आरोप लगाया कि युवती को 10 माह से सैलरी नहीं दी जा रही थी और उत्पीड़न किया जा रहा था, इससे परेशान होकर उसने सुसाइड कर लिया। उधर, मौजूद पुलिस अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देती रही।
करीब दो घंटे तक हंगामा चला। कार्रवाई की बात कहकर पुलिस परिजनों को कोतवाली ले आई और मामले को शांत करा दिया।
अकबरपुर कोतवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवती ने सुसाइड किया है। सैलरी नहीं मिलने के मामले में परिजनों के आरोपों में दम नहंी है।
जिस कमरे में युवती का शव बरामद हुआ है। उसी कमरे के डस्टबिन में एक इंजेक्शन पड़ा हुआ था। यह इंजेक्शन किस चीज का था, पुलिस पड़ताल कर रही है। वहीं, युवती का मोबाइल और सीडीआर देखी जा रही है। इसके बाद कुछ चीजें सामने आ सकेंगी। अकबरपुर चौकी इंचार्ज ने बताया कि कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं किया गया है।
राजावत हास्पिटल अकबरपुर के संचालक डा. प्रशांत राजावत ने कहा कि ढाई साल से युवती काम कर रही थी। अधिकतर समय वह नाइट शिफ्ट में काम करती थी। लेकिन उसने सुसाइड क्यों किया, यह तो हम नहीं कह सकते। उसको समय से सैलरी दी जा रही थी। परिजनों के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं, जांच के बाद खुद सच्चाई पता चल जाएगी।
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बता दें कि, गजनेर थाना क्षेत्र के मोहानागांव निवासी सुबेदार की सबसे छोटी पुत्री ओजस्वनी (24) अकबरपुर स्थित राजावत हास्पिटल में स्टाफ नर्स थी। दो दिन से अस्पताल नहीं गई थी।
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फोन नहीं उठने पर एक कर्मचारी उसके अकबरपुर के अशोक नगर स्थित मकान में पहुंचा। कमरा नहीं खुलने पर उसने खिड़की के रास्ते देखा कि ओजस्वनी का शव कुंडे से लटक रहा था। दरवाजा तोड़कर शव को निकाला गया।
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इधर, घटना के दूसरे दिन बुधवार को मोहाना गांव के तमाम लोग राजावत हास्पिटल के गेट के सामने नर्स का शव रखकर हंगामा करने लगे। अकबरपुर कोतवाल अरविंद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने आरोप लगाया कि युवती को 10 माह से सैलरी नहीं दी जा रही थी और उत्पीड़न किया जा रहा था, इससे परेशान होकर उसने सुसाइड कर लिया। उधर, मौजूद पुलिस अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देती रही।
करीब दो घंटे तक हंगामा चला। कार्रवाई की बात कहकर पुलिस परिजनों को कोतवाली ले आई और मामले को शांत करा दिया।
अकबरपुर कोतवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवती ने सुसाइड किया है। सैलरी नहीं मिलने के मामले में परिजनों के आरोपों में दम नहंी है।
जिस कमरे में युवती का शव बरामद हुआ है। उसी कमरे के डस्टबिन में एक इंजेक्शन पड़ा हुआ था। यह इंजेक्शन किस चीज का था, पुलिस पड़ताल कर रही है। वहीं, युवती का मोबाइल और सीडीआर देखी जा रही है। इसके बाद कुछ चीजें सामने आ सकेंगी। अकबरपुर चौकी इंचार्ज ने बताया कि कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं किया गया है।
राजावत हास्पिटल अकबरपुर के संचालक डा. प्रशांत राजावत ने कहा कि ढाई साल से युवती काम कर रही थी। अधिकतर समय वह नाइट शिफ्ट में काम करती थी। लेकिन उसने सुसाइड क्यों किया, यह तो हम नहीं कह सकते। उसको समय से सैलरी दी जा रही थी। परिजनों के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं, जांच के बाद खुद सच्चाई पता चल जाएगी।