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40 लाख में हेराफेरी करने वाले पर रिपोर्ट नहीं
अमर उजाला ब्यूूराो
Updated Tue, 29 Mar 2016 01:15 AM IST
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मैथा ब्लाक में सीएफएल स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट क्रय करने में 40 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता और कूटरचित कोटेशनों को तैयार कर सरकारी धन के दुरुपयोग करने के मामला खुलासा हुआ था।
इसमें तत्कालीन एडीओ और बीडीओ पर रिपोर्ट दर्ज कराने में हीलाहवाली पर आयुक्त कानपुर मंडल ने डीएम से जवाब मांगा है। बता दें कि चार जनवरी को डीपीआरओ से दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक दोनों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
बताते चलें कि तेरहवें वित्त आयोग के अंतर्गत मैथा में सीएफएल स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट को 40 लाख रुपयों से क्रय किया जाना था। जिसमें फर्म के जरिए लाइटों की आपूर्ति होनी थी। तत्कालीन कार्य प्रभारी सहायक विकास अधिकारी (आईएसवी) और खंड विकास अधिकारी बृजेश चंद्र द्विवेदी ने फर्म के कूटरचित कोटेशन तैयार धन का दुरुपयोग किया।
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लाइटों को क्रय करने में सरकारी धन की जमकर बंदरबांट हुई थी। मामले का खुलासा होने पर दोनों आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए गए थे। इधर, सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक आयुक्त इफ्तेखारुद्दीन ने जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह से सात दिनों में जवाब मांगा है।
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इसमें तत्कालीन एडीओ और बीडीओ पर रिपोर्ट दर्ज कराने में हीलाहवाली पर आयुक्त कानपुर मंडल ने डीएम से जवाब मांगा है। बता दें कि चार जनवरी को डीपीआरओ से दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक दोनों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
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बताते चलें कि तेरहवें वित्त आयोग के अंतर्गत मैथा में सीएफएल स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट को 40 लाख रुपयों से क्रय किया जाना था। जिसमें फर्म के जरिए लाइटों की आपूर्ति होनी थी। तत्कालीन कार्य प्रभारी सहायक विकास अधिकारी (आईएसवी) और खंड विकास अधिकारी बृजेश चंद्र द्विवेदी ने फर्म के कूटरचित कोटेशन तैयार धन का दुरुपयोग किया।
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लाइटों को क्रय करने में सरकारी धन की जमकर बंदरबांट हुई थी। मामले का खुलासा होने पर दोनों आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए गए थे। इधर, सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक आयुक्त इफ्तेखारुद्दीन ने जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह से सात दिनों में जवाब मांगा है।