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धूलभरी आंधी के साथ हुई बूंदाबांदी, मिली राहत
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घाटमपुर। रविवार की शाम कस्बे और उसके आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी आई। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई जिससे पारा गिरा और लोगों को तपती गर्मी से थोड़ी राहत मिली। किसानों ने बताया कि मौसम का रुख देखकर प्री मानसूनी बारिश होने के आसार हैं।
रविवार की दोपहर में घाटमपुर इलाके में पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। भीषण गर्मी में लोग बेहाल हो रहे थे। वहीं, दिनभर तेज धूप भी निकली। शाम 4 बजे के आसपास अचानक आसमान में धुंध और बादल छाने के बाद धूलभरी आंधी आई। जिससे लोगों के घरों में धूल भर गई। वहीं, तमाम स्थानों पर पेड़ों की डालें टूटीं, कई लोगों के घरों में पड़े छप्पर और टीनशेड उड़ गए। साढ़ इलाके के सचौली गांव के पास पेड़ गिरने से साढ़-सरसौल मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ।
आंधी के साथ उड़ रहे धूल के बवंडर से बचने के लिए लोग घरों में दुबक गए। जबकि, सड़कों पर वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। आम उत्पादक किसानों ने बताया कि आंधी के आम की फसल को नुकसान हुआ है, बड़ी मात्रा में कच्चे आम टूटकर गिर गए। पड़री-लालपुर, सतरहुली, सिरोह-सरांय, छांजा, संचितपुर, भदेवना, बेंहटा-बुजुर्ग और रघुनाथपुर गांवों के किसानों ने बताया कि इस बार आम की फसल कमजोर है। आंधी आने से आम झर गए। जिससे उनको नुकसान होना तय है।
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पतारा प्रतिनिधि के अनुसार आंधी आने से कई घरों के छप्पर, टीनशेड और टट्टर उड़ गए। कई जगहों पर पेड़ों की डालें टूटकर गिरीं। जबकि, एक-दो जगहों पर तार टूटने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
धूलभरी आंधी के साथ हुई बूंदाबांदी, मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार की दोपहर में घाटमपुर इलाके में पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। भीषण गर्मी में लोग बेहाल हो रहे थे। वहीं, दिनभर तेज धूप भी निकली। शाम 4 बजे के आसपास अचानक आसमान में धुंध और बादल छाने के बाद धूलभरी आंधी आई। जिससे लोगों के घरों में धूल भर गई। वहीं, तमाम स्थानों पर पेड़ों की डालें टूटीं, कई लोगों के घरों में पड़े छप्पर और टीनशेड उड़ गए। साढ़ इलाके के सचौली गांव के पास पेड़ गिरने से साढ़-सरसौल मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ।
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आंधी के साथ उड़ रहे धूल के बवंडर से बचने के लिए लोग घरों में दुबक गए। जबकि, सड़कों पर वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। आम उत्पादक किसानों ने बताया कि आंधी के आम की फसल को नुकसान हुआ है, बड़ी मात्रा में कच्चे आम टूटकर गिर गए। पड़री-लालपुर, सतरहुली, सिरोह-सरांय, छांजा, संचितपुर, भदेवना, बेंहटा-बुजुर्ग और रघुनाथपुर गांवों के किसानों ने बताया कि इस बार आम की फसल कमजोर है। आंधी आने से आम झर गए। जिससे उनको नुकसान होना तय है।
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पतारा प्रतिनिधि के अनुसार आंधी आने से कई घरों के छप्पर, टीनशेड और टट्टर उड़ गए। कई जगहों पर पेड़ों की डालें टूटकर गिरीं। जबकि, एक-दो जगहों पर तार टूटने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो