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नेयवेली पॉवर प्लांट में मजदूर का मिला शव, हंगामा
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घाटमपुर/सजेती (कानपुर)। कस्बे के नेयवेली पॉवर प्लांट में कार्य कर रहे एक मजदूर का शव शुक्रवार की सुबह संदिग्ध हालात में यार्ड में पड़ा मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान और शव से बदबू उठ रही थी। इधर, साथी मजदूरों ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम वरुण पांडेय और सीओ शैलेंद्र सिंह ने मजदूरों को समझाया। जहां लिखित समझौते के बाद शाम को हंगामा बंद हुआ। करीब आठ घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
गांव बसडीहा, पोस्ट तिलौथू, थाना अमझोर, जिला रोहतास (बिहार) निवासी अशोक शर्मा (40) नेयवेली पावर प्लांट की सहयोगी कंपनी संघा इरेक्टर्स प्राईवेट लिमिटेड में रिंगर के पद पर कार्यरत था। कंपनी के अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि 6 जून को अशोक सुबह 8 बजे काम पर आया था। तबियत खराब होने से दोपहर में लंच के समय दवा लेने के लिए चला गया था।
शुक्रवार सुबह 9 बजे उसका शव कंपनी के मैटेरियल यार्ड के पास पड़ा पाया गया। शव से दुर्गंध उठ रही थी जबकि, शरीर पर चोट जैसे निशान भी दिख रहे थे। जानकारी होने पर अशोक के साथी मजदूर काम बंद करके हंगामा करने लगे। साथ मजदूर मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा, बेटे को नौकरी और पत्नी को पेंशन दिए जाने की मांग कर रहे थे।
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इधर, एसडीएम वरूण पांडेय, तहसीलदार विजय यादव और सीओ शैलेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। तनाव को देखकर कोतवाली घाटमपुर, सजेती, बिधनू और महराजपुर थानों की पुलिस फोर्स व दो ट्रक पीएसी को भी बुला लिया गया। इस दौरान पुलिस ने मजदूरों पर दबाव बनाकर लाश को कब्जे में लेने की योजना बनाई।
लेकिन, साथी मजदूर एकजुट होकर लाश को कब्जे में लिया और यार्ड से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर कंधों पर लादकर ले गए ब्लायलर के पास सुरक्षित स्थान पर रखने के बाद घेरा बनाकर खड़े हो गए। साथी मजदूरों का कहना था कि जबतक मृतक के परिजन नहीं आ जाते और उनकी मांग पूरी नहीं होगी। वह शव को यहां से नहीं उठने देंगे। वहीं, पुलिस के दबाव बनाने पर साथी मजदूर आक्रामक रुख में दिखे। अधिकारियों ने वार्ता के जरिए ही मामले का हल निकालने की पहल की।
लिखित समझौते के बाद ही उठने दिया शव
नेयवेली पॉवर प्लांट में हुई मजदूर की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में संबंधित कंपनी के अधिकारियों ने शर्तों के मुताबिक समझौता करने की बात कही। शाम 4.30 बजे 12 लाख मुआवजा, पत्नी को पीएफ से पेंशन और मृतक के पुत्र को योग्यता के अनुसार कंपनी में नौकरी की लिखित शर्त पर समझौता हुआ।
इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कंपनी की ओर सेअधिकारी अजय कुमार सिंह जबकि, मृतक के पक्ष से उसके साथी मजदूरों मनोज कुमार और विनोद कुमार यादव ने हस्ताक्षर किए। कंपनी अधिकारी ने बताया कि 12 लाख रुपये की धनराशि में कामगार क्षतिपूर्ति की मद में 736680 रुपये और शेष राशि 4,63320 रुपये चेक अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान किया जाना तय हुआ।
नेयवेली पॉवर प्लांट में मजदूर का मिला शव, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
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गांव बसडीहा, पोस्ट तिलौथू, थाना अमझोर, जिला रोहतास (बिहार) निवासी अशोक शर्मा (40) नेयवेली पावर प्लांट की सहयोगी कंपनी संघा इरेक्टर्स प्राईवेट लिमिटेड में रिंगर के पद पर कार्यरत था। कंपनी के अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि 6 जून को अशोक सुबह 8 बजे काम पर आया था। तबियत खराब होने से दोपहर में लंच के समय दवा लेने के लिए चला गया था।
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शुक्रवार सुबह 9 बजे उसका शव कंपनी के मैटेरियल यार्ड के पास पड़ा पाया गया। शव से दुर्गंध उठ रही थी जबकि, शरीर पर चोट जैसे निशान भी दिख रहे थे। जानकारी होने पर अशोक के साथी मजदूर काम बंद करके हंगामा करने लगे। साथ मजदूर मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा, बेटे को नौकरी और पत्नी को पेंशन दिए जाने की मांग कर रहे थे।
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इधर, एसडीएम वरूण पांडेय, तहसीलदार विजय यादव और सीओ शैलेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। तनाव को देखकर कोतवाली घाटमपुर, सजेती, बिधनू और महराजपुर थानों की पुलिस फोर्स व दो ट्रक पीएसी को भी बुला लिया गया। इस दौरान पुलिस ने मजदूरों पर दबाव बनाकर लाश को कब्जे में लेने की योजना बनाई।
लेकिन, साथी मजदूर एकजुट होकर लाश को कब्जे में लिया और यार्ड से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर कंधों पर लादकर ले गए ब्लायलर के पास सुरक्षित स्थान पर रखने के बाद घेरा बनाकर खड़े हो गए। साथी मजदूरों का कहना था कि जबतक मृतक के परिजन नहीं आ जाते और उनकी मांग पूरी नहीं होगी। वह शव को यहां से नहीं उठने देंगे। वहीं, पुलिस के दबाव बनाने पर साथी मजदूर आक्रामक रुख में दिखे। अधिकारियों ने वार्ता के जरिए ही मामले का हल निकालने की पहल की।
लिखित समझौते के बाद ही उठने दिया शव
नेयवेली पॉवर प्लांट में हुई मजदूर की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में संबंधित कंपनी के अधिकारियों ने शर्तों के मुताबिक समझौता करने की बात कही। शाम 4.30 बजे 12 लाख मुआवजा, पत्नी को पीएफ से पेंशन और मृतक के पुत्र को योग्यता के अनुसार कंपनी में नौकरी की लिखित शर्त पर समझौता हुआ।
इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कंपनी की ओर सेअधिकारी अजय कुमार सिंह जबकि, मृतक के पक्ष से उसके साथी मजदूरों मनोज कुमार और विनोद कुमार यादव ने हस्ताक्षर किए। कंपनी अधिकारी ने बताया कि 12 लाख रुपये की धनराशि में कामगार क्षतिपूर्ति की मद में 736680 रुपये और शेष राशि 4,63320 रुपये चेक अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान किया जाना तय हुआ।
नेयवेली पॉवर प्लांट में मजदूर का मिला शव, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो